मोर्चा ने किया बृहद रक्तदान, जल-जंगल-जमीन बचाने का लिया संकल्प
सोनभद्र। नौजवान किसान संघर्ष मोर्चा के बैनर तले गुरुवार को कंपनी राज के विरोध में बृहद रक्तदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने सरकार से जनपद के जल, जंगल और जमीन की रक्षा करने की मांग करते हुए कहा कि विकास के नाम पर प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा ने कहा कि “1858 में ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन के खिलाफ देशवासियों ने संघर्ष किया था क्योंकि भारत कंपनी राज को स्वीकार नहीं करता था। आज सोनभद्र में भी कंपनी राज स्थापित करने की कोशिशें दिखाई दे रही हैं। हम इसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रहे हैं। आज हमने रक्तदान कर अपना संकल्प व्यक्त किया है, लेकिन यदि जल, जंगल और जमीन बचाने के लिए जरूरत पड़ी तो सोनभद्र का नौजवान अपने प्राणों की आहुति देने से भी पीछे नहीं हटेगा। सरकार से हमारा आग्रह है कि जनपद के प्राकृतिक संसाधनों का दोहन तत्काल रोका जाए।”
सुमन बिन्द ने कहा कि “सोनभद्र की पहचान उसके जंगल, पहाड़ और यहां के मेहनतकश लोग हैं। यदि प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन हुआ तो आने वाली पीढ़ियां इसका खामियाजा भुगतेंगी। यह आंदोलन जनता के अधिकारों और पर्यावरण की रक्षा के लिए है।”
बिन्दु अगरिया ने कहा कि “जल, जंगल और जमीन आदिवासियों तथा ग्रामीणों के जीवन का आधार हैं। इन संसाधनों की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है और इसके लिए हर स्तर पर लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा।”
गुलाब चेरो ने कहा कि “सोनभद्र की धरती किसी कंपनी की नहीं बल्कि यहां के लोगों की है। विकास के नाम पर स्थानीय लोगों के अधिकारों की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी और संघर्ष लगातार जारी रहेगा।”
कन्हैयालाल धागर ने कहा कि “रक्तदान कार्यक्रम केवल सेवा का कार्य नहीं बल्कि सोनभद्र की अस्मिता बचाने का संकल्प है। नौजवान पूरी एकजुटता के साथ जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए खड़े हैं तथा सरकार से जनहित में निर्णय लेने की मांग की।”






