, दोनों पक्ष जिला मुख्यालय तलब
शक्तिनगर, सोनभद्र। शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी मंदिर में चढ़ावा, अमानती धनराशि, दानपात्रों की राशि तथा सोना-चांदी एवं आभूषणों के रख-रखाव में कथित अनियमितताओं की जांच तेज हो गई है। मंदिर के प्राधिकृत पुजारी एवं तीर्थ पुरोहित हेमंत मिश्रा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष शिकायत की थी। मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर जिलाधिकारी सोनभद्र ने जिला पर्यटन अधिकारी डॉ. राजेश भारती को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। स्थलीय निरीक्षण किया गया
रविवार दोपहर जांच अधिकारी डॉ. राजेश भारती श्री ज्वालामुखी मंदिर पहुंचे। उन्होंने शिकायतकर्ता से शिकायत से संबंधित तथ्यों एवं अभिलेखों की जानकारी ली। मंदिर परिसर में स्थित दानपात्रों की स्थिति, उनके संचालन एवं अन्य व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया तथा उपलब्ध अभिलेखों का अवलोकन किया। दोनों पक्ष जिला मुख्यालय तलब
जांच अधिकारी ने मामले से संबंधित दोनों पक्षों को आवश्यक अभिलेखों के साथ जिला मुख्यालय सोनभद्र तलब किया है। वहां दस्तावेजों एवं अभिलेखीय साक्ष्यों के आधार पर मामले की विस्तृत जांच की जाएगी। शिकायतकर्ता के आरोप
हेमंत मिश्रा ने आरोप लगाया कि मंदिर में दानपात्रों को निर्धारित प्रक्रिया एवं पारदर्शिता के अनुरूप नहीं खोला जाता। चढ़ावे में अनियमितता, सोना-चांदी एवं आभूषणों के सुरक्षित संरक्षण की समुचित व्यवस्था नहीं है और अमानती धनराशि के हिसाब-किताब में गड़बड़ी है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 में भी मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत की गई थी, जिसमें कई तथ्य सही पाए गए थे। इसके बावजूद अनियमितताओं का सिलसिला जारी है।

जांच अधिकारी का बयान
डॉ. राजेश भारती ने कहा कि निष्पक्षता एवं तथ्यों के आधार पर जांच होगी। अभिलेखों का अवलोकन और दोनों पक्षों का पक्ष सुनने के बाद जांच आख्या तैयार कर जिलाधिकारी को अग्रेतर कार्रवाई के लिए भेजी जाएगी।समाज में आक्रोश
मंदिर से जुड़े आस्थावान हिंदू समाज में चढ़ावा चोरी के आरोपों को लेकर व्यापक आक्रोश है। श्रद्धालुओं ने मांग की है कि निष्पक्ष जांच कर दोषी पुजारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि यह मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। चढ़ावे, दानराशि और धार्मिक सामग्री की व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।अब सभी की निगाहें जिला मुख्यालय पर होने वाली अभिलेखीय जांच और जांच आख्या पर टिकी हैं।






