कुलडोमरी में पोल्ट्री क्रांति की तैयारी, 305 मुर्गी घरों से बदलेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था

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म्योरपुर (सोनभद्र) म्योरपुर ब्लॉक की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत कुलडोमरी में ग्रामीण आजीविका को नई दिशा देने की तैयारी तेज हो गई है। नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) योजना के तहत लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से 305 आधुनिक मुर्गी घरों का निर्माण अंतिम चरण में पहुंच गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य जनजातीय परिवारों, विशेषकर स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराकर उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाना है। अधिकारियों का मानना है कि योजना के पूरी तरह शुरू होने के बाद कुलडोमरी क्षेत्र पोल्ट्री उत्पादन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित होगा। तीन करोड़ की परियोजना से मिलेगा रोजगार
वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत इस परियोजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत के विभिन्न टोलों में 305 मुर्गी घर बनाए जा रहे हैं। निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और जल्द ही इन्हें लाभार्थियों को सौंप दिया जाएगा। इससे सैकड़ों ग्रामीण परिवारों को गांव में ही स्थायी स्वरोजगार का अवसर मिलेगा और उनकी आय में बढ़ोतरी होगी। महिला सशक्तिकरण पर विशेष फोकस
योजना का सबसे अधिक लाभ स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी जनजातीय महिलाओं को मिलेगा। महिलाएं अपने घर के पास ही वैज्ञानिक तरीके से मुर्गी पालन कर नियमित आमदनी अर्जित कर सकेंगी। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ महिलाओं की सामाजिक भागीदारी भी बढ़ेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होने से पलायन पर भी रोक लगने की उम्मीद है।प्रशिक्षण और विपणन की पूरी व्यवस्था
सहायक विकास अधिकारी (आरडी) श्रीश त्रिपाठी ने बताया कि मुर्गी पालन कम निवेश में अधिक लाभ देने वाला व्यवसाय है। एक पक्षी पर दाना, दवा और देखभाल सहित लगभग 90 रुपये का खर्च आता है, जबकि बिक्री के समय करीब 200 रुपये तक की आय प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने बताया कि लाभार्थियों को प्रशिक्षण, टीकाकरण, दाना प्रबंधन तथा विपणन की पूरी जानकारी भी दी जाएगी, ताकि वे इस व्यवसाय को लंबे समय तक सफलतापूर्वक चला सकें। रोजगार का मॉडल बनेगी कुलडोमरी’
ब्लॉक प्रमुख मान सिंह गोंड, समाजसेवी डी.पी. सिंह, सुधीर कुमार, राम जतन, उमेश, मुकेश कुमार, उषा सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर चूजे, गुणवत्तापूर्ण दाना और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई गई तो यह योजना पूरे क्षेत्र के लिए रोजगार का सफल मॉडल साबित होगी। स्थानीय प्रशासन और विकास विभाग को उम्मीद है कि आने वाले समय में कुलडोमरी ग्राम पंचायत म्योरपुर ही नहीं, बल्कि पूरे सोनभद्र में पोल्ट्री विकास की नई पहचान बनेगी।

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