महंगाई-वेतन विसंगति से त्रस्त श्रमिकों को तत्काल राहत दे सरकार, आशा-आंगनबाड़ी का मानदेय बढ़े

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भारतीय मजदूर संघ ने मुख्यमंत्री को भेजा 22 सूत्रीय मांगपत्र, संविदा कर्मियों के शोषण व पुरानी पेंशन बहाली प्रमुख मांग

सोनभद्र।कर्मचारियों व श्रमिकों की ज्वलंत समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर भारतीय मजदूर संघ, जिला सोनभद्र ने गुरुवार को मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को संबोधित 22 सूत्रीय मांगपत्र जिलाधिकारी को देखकर बुलंद की आवाज किया विरोध प्रदर्शन।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष दशा राम यादव ने की और मंच संचालन जिला मंत्री एल. पी. शुक्ल ने किया। प्रदेश मंत्री अरुण कुमार दुबे, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य बी. डी. विश्वकर्मा व विभाग प्रमुख अश्विनी कुमार शुक्ल, पुष्पेंद्र शुक्ला मुख्य रूप से मौजूद रहे। आशा, आंगनबाड़ी, एनएचएम, सफाई कर्मचारी, बैंक कर्मचारी, ऊर्जा क्षेत्र, असंगठित श्रमिक सहित विभिन्न यूनियनों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
प्रदेश मंत्री अरुण कुमार दुबे ने कहा कि श्रमिक, कर्मचारी व संविदा कर्मी महंगाई, वेतन विसंगति, सामाजिक सुरक्षा के अभाव और रिक्त पदों पर भर्ती न होने से परेशान हैं। संविदा कर्मियों का शोषण गंभीर मुद्दा है, सरकार को तुरंत कदम उठाने चाहिए। विभाग प्रमुख अश्विनी कुमार शुक्ल ने आशा, आंगनबाड़ी व एनएचएम कर्मियों को सम्मानजनक मानदेय व सामाजिक सुरक्षा देने, संविदा-आउटसोर्सिंग कर्मियों के लिए स्पष्ट सेवा नियमावली बनाने की मांग की।
बी. डी. विश्वकर्मा ने 2023 की हड़ताल में शामिल ऊर्जा कर्मियों पर उत्पीड़न रोकने, 108-102 एंबुलेंस के बर्खास्त कर्मियों की बहाली और चीनी मिल-डिस्टिलरी कर्मियों के लंबित वेतन पुनरीक्षण की मांग उठाई।
ज्ञापन में आठवें वेतन आयोग लागू करने, पुरानी पेंशन बहाल करने, आशा-आंगनबाड़ी मानदेय बढ़ाने, बैंकों में पांच दिवसीय बैंकिंग, नगर निकायों में स्थायी सफाई कर्मियों की भर्ती, पत्रकारों व असंगठित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा देने सहित 22 मांगें शामिल हैं। जिलाध्यक्ष दशा राम यादव ने कहा कि मजदूर संघ श्रमिक हितों के लिए सदैव संघर्षरत रहेगा।

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