अमित मिश्रा
पर्यावरण संरक्षण के साथ कुपोषण मिटाने के लिए रोपे गए ‘पोषण वृक्ष’ राजेश चौबे
सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सोनभद्र विकास समिति द्वारा एक अनूठी पहल की गई। संस्था ने अपने कार्य क्षेत्र की ग्राम पंचायत करमाव के भितरी गांव सहित लौवा, पखरौध, नन्दना, विरनचुआ, रैपुरा, महुअरिया, बढौना और भूईरान गाँवों में पर्यावरण संरक्षण और कुपोषण उन्मूलन को एक साथ जोड़ते हुए एक वृहद पौधारोपण अभियान चलाया। इस अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में प्रकृति की रक्षा के साथ-साथ बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य को सुधारने का संकल्प लिया गया। ‘ पोषण वृक्ष’ सहजन से दूर होगा बच्चों का कुपोषण
अभियान के तहत सभी गाँवों के चिन्हित अति कुपोषित (SAM) और मध्यम कुपोषित (MAM) बच्चों के घरों के पीछे खाली पड़ी जमीन पर अनिवार्य रूप से सहजन (ड्रमस्टिक) के पौधे लगाए गए।
सहजन की पत्तियों और फलियों में प्रचुर मात्रा में विटामिन, आयरन और कैल्शियम होता है, जो बच्चों के स्वास्थ्य के लिए रामबाण है।
गर्भवती और धात्री माताओं को मिली पोषण सुरक्षा
संस्था के कार्यकर्ताओं ने संबंधित ग्राम पंचायतों से तालमेल बिठाकर गर्भवती और धात्री माताओं के आंगन में फलदार पौधों का रोपण कराया। महिलाओं को विटामिन-सी और जरूरी पोषक तत्व आसानी से मिल सकें, इसके लिए अमरूद, पपीता, नींबू और आंवला के पौधे वितरित कर लगवाए गए।
“एक पेड़, माँ के नाम” जागरूकता रैली और शपथ
इस पावन उत्सव में सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने के लिए महिलाओं और बच्चों के नेतृत्व में जागरूकता रैलियां निकाली गईं, जिसमें “एक पेड़, माँ के नाम” का नारा गूंजा। ग्रामीणों को केवल पौधा लगाने ही नहीं, बल्कि उसके बड़े होने तक उसकी पूरी जिम्मेदारी लेने की भी शपथ दिलाई गई। इसके साथ ही ग्रामीणों के बीच परिचर्चा आयोजित कर यह संदेश दिया गया कि पेड़ केवल छाया या लकड़ी नहीं देते, बल्कि बच्चों की सेहत भी सुधारते हैं। सैकड़ों परिवारों की जुटी सहभागिता इस महा-अभियान को सफल बनाने में स्थानीय ग्राम प्रधानों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों (अगुआ नेताओं) ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
इस मौके पर एएनएम सुरशरी, आशा चन्दा मौर्या, आंगनबाड़ी कल्पना यादव और संस्था से काउन्सलर साधना सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता रीना शर्मा, सुनीता, अमरजीत सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।






