बीजेपी सरकार “आपदा में अवसर” तलाश रही, जनता को धकेल रही महंगाई के कुएं में: आर के शर्मा

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पेट्रोल-डीजल में 3 रुपये से अधिक बढ़ोतरी पर सीपीआई का हमला, रूस से तेल आयात घटाने को बताई मोदी सरकार की विदेश नीति की विफलता

सोनभद्र। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के राज्य कार्यकारिणी सदस्य व सोनभद्र के जिला सचिव कामरेड आर के शर्मा ने शनिवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन रुपये से अधिक की बढ़ोतरी पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आपदा में अवसर की तलाश करने वाली केंद्र की मोदी सरकार पूरी तरह विफल है और देश की जनता को महंगाई के गहरे कुएं में धकेलती जा रही है।
सीपीआई नेता ने आरोप लगाया कि लगातार बढ़ती महंगाई से आम जनता का जीवन संकट में पड़ गया है, लेकिन सत्ता पर आसीन बीजेपी नेतृत्व की मोदी सरकार जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनहीन बनी हुई है। उन्होंने कहा कि पिछले दो महीनों से देश के प्रधानमंत्री और भाजपा नेतृत्व पांच राज्यों के चुनाव प्रचार में व्यस्त रहे, जबकि देश की आर्थिक और विदेश नीति से जुड़े गंभीर मुद्दों की अनदेखी की जाती रही।
कामरेड शर्मा ने कहा कि तेल के वर्चस्व को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है, जिसका असर वैश्विक बाजार पर पड़ रहा है। इसके बावजूद जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, नेपाल जैसे अन्य देशों में पेट्रोल, डीजल के दाम घटा दिए गए और वहां की जनता पर किसी भी प्रकार के अतिरिक्त बोझ का दबाव नहीं पड़ा।
उन्होंने कहा कि भारत पहले रूस से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और पेट्रोलियम पदार्थों की खरीद करता था, लेकिन अमेरिका के दबाव के कारण केंद्र की मोदी सरकार ने रूस से तेल आयात कम कर दिया। इसके चलते भारत अन्य देशों पर निर्भर हो गया, जिससे देश में तेल संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई। इसी का परिणाम है कि आज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी वृद्धि कर आम जनता पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है।
सीपीआई नेता ने यह भी कहा कि इससे पहले रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी कर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को फिर से लकड़ी और चूल्हे पर खाना बनाने के लिए मजबूर कर दिया गया। उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताते हुए कहा कि पेट्रोलियम एवं वित्त मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देना चाहिए तथा प्रधानमंत्री को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।

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