रवि पाण्डेय / अमित मिश्रा
सोनभद्र (उत्तर प्रदेश)। जिले से खनन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। लखनऊ से आई भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की जांच टीम पर आरोप है कि वह खनिज परिवहन की जांच के नाम पर ट्रकों को रोकने के लिए हाथ में पत्थर लेकर खड़ी होती है। इस कथित घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पूरे मामले को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है।
पत्थरबाजी स्टाइल’ में जांच? उठे बड़े सवाल
जानकारी के अनुसार, योगी सरकार के ‘जीरो टॉलरेंस’ अभियान के तहत अवैध खनन और परिवहन पर रोक लगाने के लिए भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग द्वारा हर महीने विशेष जांच टीम सोनभद्र भेजी जाती है।
लेकिन स्थानीय ट्रांसपोर्टरों का आरोप है कि यह टीम नियमों के तहत जांच करने के बजाय ‘जम्मू-कश्मीर के पत्थरबाजों’ की तरह पत्थर दिखाकर ट्रकों को रोकती है।
‘सेटिंग’ नहीं तो चालान और FIR का आरोप
ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि जांच के दौरान यदि “सेटिंग” हो जाती है तो ट्रकों को छोड़ दिया जाता है, लेकिन बात नहीं बनने पर चालान काट दिया जाता है और वाहन मालिक व चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी जाती है।
इतना ही नहीं, कुछ मामलों में “सरकारी कार्य में बाधा” का आरोप लगाकर फर्जी मुकदमे दर्ज कराने की भी शिकायत सामने आई है।
हर महीने आती है जांच टीम, लेकिन पारदर्शिता पर सवाल
जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा अवैध खनन और परिवहन पर रोक लगाने के लिए हर महीने जांच टीमों को जिलों में भेजा जाता है। लेकिन सोनभद्र में इन टीमों की कार्यशैली को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि नियमों के तहत काम करने वाले ट्रक मालिकों को भी परेशान किया जा रहा है।
शिकायत के बाद भी खामोशी, अधिकारी बोलने से बच रहे
मामले की शिकायत किए जाने के बावजूद संबंधित अधिकारी इस पर खुलकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। विभागीय चुप्पी ने संदेह और गहरा कर दिया है, जिससे ट्रांसपोर्टरों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
प्रशासन की साख पर सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग
ट्रांसपोर्ट व्यवसायी का बयान
देवेंद्र सिंह (ट्रांसपोर्ट व्यवसायी)
“हम लोग नियमों के तहत खनिज परिवहन करते हैं, फिर भी हमें रोका और परेशान किया जाता है। अगर बात नहीं बनती तो फर्जी मुकदमे में फंसा दिया जाता है। यह जांच नहीं, बल्कि उत्पीड़न है।”
इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासन की कार्यशैली और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ट्रक मालिकों और स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
- खनन जांच टीम पर ट्रकों को पत्थर लेकर रोकने का आरोप
- वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, मचा हड़कंप
- ट्रक मालिकों ने “सेटिंग” और फर्जी FIR का लगाया आरोप
- शिकायत के बाद भी अधिकारी चुप
- निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की उठी मांग






