योगी सरकार का मॉडल: सबका साथ, सबका विकास – हर वर्ग को मिला पक्का घर

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अमित मिश्रा

O- आवास आवंटन, 473 मुस्लिम परिवारों को करोड़ों की मदद, समावेशी विकास की नई मिसाल

सोनभद्र । योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि विकास का असली मतलब हर जरूरतमंद तक बिना भेदभाव लाभ पहुँचाना है। सोनभद्र में लागू शहरी आवास योजना अब राष्ट्रीय स्तर पर समावेशी विकास का रोल मॉडल बनती नजर आ रही है।

डूडा ने 3791 परिवारों का सपना को साकार किया

वर्ष 2025 में डूडा (DUDA) के माध्यम से जिले के 10 नगर पंचायतों में 3791 आवास स्वीकृत किए गए हैं। प्रत्येक आवास की लागत ₹2.5 लाख तय की गई है।

सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि ₹1 लाख की पहली किस्त सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी गई, जिससे निर्माण कार्य बिना किसी बाधा के शुरू हो गया।

कैटेगरी वाइज आवंटन ने बढ़ाया भरोसा

पूरे जिले में आवास आवंटन का आंकड़ा सरकार की पारदर्शी नीति को दर्शाता है-

👉 General – 728
👉 OBC – 2235
👉 SC – 1210
👉 ST – 248
👉 कुल आवास – 4421
👉 Minority – 473

यह डेटा साफ बताता है कि हर वर्ग को बराबरी का अवसर मिला और किसी के साथ भेदभाव नहीं हुआ।

मुस्लिम समुदाय को मिला बराबरी का हक

इस योजना में 473 मुस्लिम परिवारों को भी शामिल किया गया, जिन्हें ₹4 करोड़ 73 लाख की पहली किस्त प्रदान की गई।
यह कदम इस बात का प्रमाण है कि योगी सरकार की प्राथमिकता “सबका विकास” है, न कि किसी एक वर्ग का।

अधिकारी का बयान

जिलाधिकारी का बयान

बद्रीनाथ सिंह ने इस उपलब्धि पर कहा-
“सरकार की मंशा स्पष्ट है कि कोई भी पात्र व्यक्ति आवास योजना से वंचित न रहे। पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से लागू किया गया है। सभी वर्गों को समान प्राथमिकता देते हुए लाभ पहुंचाया गया है, और समयबद्ध तरीके से निर्माण कार्य पूरा कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

परियोजना से जुड़े अधिकारी सुधांशु शेखर शर्मा ने बताया,
“सरकार की मंशा बिल्कुल स्पष्ट है कि कोई भी पात्र परिवार आवास से वंचित न रहे। सभी लाभार्थियों का चयन पारदर्शी प्रक्रिया से किया गया है और पहली किस्त सीधे उनके खातों में भेजी गई है। हमारा लक्ष्य है कि समय पर निर्माण पूरा हो और हर परिवार को सुरक्षित आवास मिल सके।”

भरोसे और विकास का संगम

इस योजना से हजारों गरीब परिवारों को न सिर्फ पक्के घर का सपना मिला है, बल्कि समाज में विश्वास, समानता और पारदर्शिता भी मजबूत हुई है।
विशेषज्ञ इसे “गुड गवर्नेंस और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) का सफल मॉडल” बता रहे हैं।

“योगी सरकार का ‘सबका साथ’ मॉडल: सोनभद्र में हर वर्ग को घर, मुस्लिम परिवारों को भी बराबरी का अधिकार”

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