बगैर लाइसेंस व मानक के विपरीत संचलित हो रही आइसक्रीम फैक्ट्री

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सीएस पाण्डेय

अवैध आइसक्रीम फैक्ट्री से हानिकारक केमिकल्स का हो रहा प्रयोग, प्रशासन बेखबर


बभनी (सोनभद्र/उत्तर प्रदेश)। स्थानीय थाना क्षेत्र के दरनखाड़ और परसाटोला इलाकों में रिहायशी बस्तियों के बीच अवैध रूप से संचालित हो रही एक आइसक्रीम फैक्ट्री का मामला सामने आया है।यह इकाई बिना किसी सरकारी अनुमति या लाइसेंस के धड़ल्ले से चल रही है, जिससे स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

क्षेत्र में बगैर लाइसेंस व मानक के विपरीत संचालित हो रही  आइसक्रीम फैक्ट्री का लोगो ने विरोध किया है।वही  किसी भी खाद्य उत्पादन इकाई के लिए FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) से लाइसेंस लेना अनिवार्य है। हालांकि, बभनी की इस फैक्ट्री में मानकों की सरेआम अनदेखी की जा रही है। जांच में यह बात भी सामने आई है कि यहाँ आइसक्रीम बनाने में हानिकारक केमिकल्स का इस्तेमाल किया जा रहा है।फैक्ट्री का संचालन घनी आबादी वाले रिहायशी इलाकों दरनखाड़ और परसाटोला में किया जा रहा है।


वही आईसक्रीम उत्पादन में उपयोग होने वाले संदिग्ध केमिकल्स बच्चों और स्थानीय लोगों की सेहत के लिए “धीमा जहर” साबित हो सकते हैं।

सूत्रों की मानें तो बड़े पैमाने पर बिना अनुमति फैक्ट्री चलने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।


सेहत से खिलवाड़:- बच्चों की सेहत के साथ खिलवाड़ आमतौर पर ऐसी अवैध फैक्ट्रियों में दूध की जगह घटिया पाउडर और वसा रहित तत्वों का प्रयोग किया जाता है बच्चों के विकास के लिए हानिकारक है। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस अवैध फैक्ट्री की तत्काल जांच की जाए और इसे सीज कर संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

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