लटकते हाईटेंशन तार ने ली किसान की जान

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अखिलेश सिंह

O- बिजली विभाग पर फिर उठे सवाल

O- सोनभद्र में 11 हजार वोल्ट लाइन बनी मौत का फंदा, ग्रामीणों की चेतावनी, फ़िर भी नहीं जागा विभाग

रामगढ़ (सोनभद्र)। जिले में बिजली विभाग की लापरवाही एक बार फिर एक परिवार की खुशियां निगल गई। पंन्नुगंज थाना क्षेत्र के बिशुनपुरवा गांव में गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे खेत से लौट रहे 70 वर्षीय किसान अमरनाथ ओझा की 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई।

बताया जा रहा है कि अमरनाथ ओझा अपने नाती के साथ खेत देखने गए थे। वापस लौटते समय खेत के ऊपर मात्र करीब चार फीट की ऊंचाई पर लटक रहे हाईटेंशन तार से उनका सिर टकरा गया। तार में प्रवाहित तेज करंट की चपेट में आते ही वे मौके पर ही गिर पड़े।

घटना को अपनी आंखों से देख रहे नाती ने शोर मचाया, जिसके बाद ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे। आनन-फानन में उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तियरा ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

दो साल से लटक रहा था 11 हजार वोल्ट का तार

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में करीब दो वर्षों से 11 हजार वोल्ट का हाईटेंशन तार खतरनाक तरीके से नीचे लटका हुआ था। इसको लेकर ग्रामीणों ने बिजली विभाग से दर्जनों बार शिकायत की, लेकिन विभाग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।

ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते तार को ठीक कर दिया गया होता तो आज एक किसान की जान नहीं जाती। घटना के बाद पूरे गांव में आक्रोश है और लोग बिजली विभाग के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

पहले भी हो चुकी हैं मौतें, अधिकारी हो चुके हैं निलंबित

सोनभद्र में बिजली विभाग की लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी ऐसे कई हादसों में ग्रामीणों और विद्युतकर्मियों की मौत हो चुकी है। पूर्व में हुई घटनाओं में लापरवाही साबित होने पर अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और जूनियर इंजीनियर को निलंबित कर वाराणसी डिवीजन से अटैच किया गया था।

इसके बावजूद जमीनी स्तर पर हालात नहीं सुधरे और अब एक बार फिर एक किसान की जान चली गई।

कांग्रेस नेता कमलेश ओझा का बयान

इस घटना पर कांग्रेस नेता कमलेश ओझा ने बिजली विभाग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि
“यह हादसा नहीं बल्कि बिजली विभाग की घोर लापरवाही का परिणाम है। जब ग्रामीण लगातार शिकायत कर रहे थे तो विभाग ने कार्रवाई क्यों नहीं की? अगर समय रहते तार को ठीक कर दिया जाता तो आज एक किसान की जान नहीं जाती। प्रशासन को तुरंत जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए।”

ओझा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा।

प्रशासन पर बढ़ा दबाव

इस दर्दनाक घटना के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर बार-बार शिकायत के बावजूद खतरनाक हाईटेंशन तार को क्यों नहीं ठीक किया गया?

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

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