Trending News
खाद्य सुरक्षा विभाग ने दुग्ध डेयरियो से संग्रहित किया सेम्पल, जांच के लिए भेजा वाराणसी स्नातक एवं शिक्षक एमएलसी चुनाव का मतदान 23 अक्टूबर को, तैयारी को लेकर हुई बैठक राजदरी-देवदरी में पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण पर जागरूकता कार्यक्रम, अखिलेश दुबे के नेतृत्व में स्कूली बच्चों, ग्रामीणों ने लिया हिस्सा नौगढ़ में नवरात्रि पर मां अमरा भगवती धाम पहुंचे सीओ, सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा, मां अमरा भगवती का दर्शन पूजन भी किया। नौगढ़ में अधिवक्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंका, इस्तीफे की मांग नौगढ़ के छह पहलवानों का राज्य स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता के लिए चयन, 23 से 26 अक्टूबर तक गोरखपुर के सहजनवा में होगी प्रतियोगिता, तीन महिला पहलवान भी शामिल

सरकारी दर्जे की मांग पर अड़ीं आशा कर्मी, पीएम को ज्ञापन

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं


सोनभद्र –। उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन के आह्वान पर बीते 15 दिसंबर 2025 से प्रदेश भर में आशा एवं आशा संगिनी कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल लगातार जारी है। वर्षों से लंबित मांगों को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन तथा शासन-प्रशासन स्तर पर कोई ठोस सुनवाई न होने से आशा कर्मियों में भारी आक्रोश व्याप्त है, जिसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
इसी क्रम में शुक्रवार को आशा कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के माध्यम से सौंपा।
यूनियन की सचिव जानकी देवी ने बताया कि आशा एवं आशा संगिनी वर्षों से स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ बनकर कार्य कर रही हैं, लेकिन उन्हें आज भी मानदेय आधारित मानद स्वयंसेवक के रूप में रखा गया है। उन्होंने मांग की कि 45वें एवं 46वें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिशों के अनुरूप आशा कर्मियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए तथा प्रोत्साहन राशि के स्थान पर न्यूनतम वेतन व्यवस्था लागू की जाए।
आशा कर्मियों को ईपीएफ व ईएसआई की सुविधा, सेवानिवृत्ति पर ग्रेच्युटी, 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा एवं 50 लाख रुपये का जीवन बीमा दिए जाने की भी मांग प्रमुख है। साथ ही न्यूनतम वेतन लागू होने तक आशा कर्मियों को ₹21,000 तथा आशा संगिनी को ₹28,000 प्रतिमाह आधारभूत मानदेय दिया जाए।
इसके अलावा जननी सुरक्षा योजना से जुड़े मूल कार्यों के अतिरिक्त कराए जा रहे अन्य कार्यों की उत्प्रेरण राशि तय कर उसका नियमित एवं पारदर्शी भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की गई।
आशा कर्मियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। ज्ञापन देने वालों में सुनीता देवी, आमिना खातून, बबिता, राधिका, चिंता देवी आदि शामिल रही

IMG 20260928 WA0019
IMG 20260928 WA0020

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

1547
वोट करें

भारत की राजधानी क्या है?