माघ कृष्ण द्वादशी–त्रयोदशी का पावन संयोग

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आचार्य सुशील तिवारी

O- काशी (वाराणसी) मानक समयानुसार गुरुवार, 15 जनवरी 2026

O- माघ कृष्ण द्वादशी–त्रयोदशी का पावन संयोग, शिशिर ऋतु में पर्व और योग का विशेष प्रभाव

सोनभद्र । भारत की आध्यात्मिक राजधानी काशी के मानक समयानुसार आज 15 जनवरी 2026, गुरुवार को वैदिक पंचांग में माघ मास, कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि का प्रभाव दिनभर रहेगा। तिथि रात्रि 08:16 बजे तक द्वादशी और उसके बाद त्रयोदशी प्रारंभ होगी। आज का दिन धार्मिक साधना, संयम और सकारात्मक आचरण के लिए विशेष फलदायी माना गया है।

🌿 आज का पंचांग (काशी मानक समय)

  • दिनांक: 15 जनवरी 2026
  • दिन: गुरुवार
  • विक्रम संवत्: 2082
  • अयन: दक्षिणायण
  • ऋतु: शिशिर
  • मास: माघ
  • पक्ष: कृष्ण
  • तिथि: द्वादशी रात्रि 08:16 तक, तत्पश्चात त्रयोदशी
  • नक्षत्र: ज्येष्ठा प्रातः 05:47 (16 जनवरी) तक, फिर मूल
  • योग: वृद्धि रात्रि 08:38 तक, तत्पश्चात ध्रुव

☀️ सूर्य एवं शुभ–अशुभ मुहूर्त

  • सूर्योदय: प्रातः 06:45
  • सूर्यास्त: सायं 05:35
  • राहुकाल: दोपहर 01:30 से 02:50 तक
  • ब्रह्ममुहूर्त: प्रातः 05:10 से 06:00 तक
  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:05 से 12:50 तक
  • निशिता मुहूर्त: रात्रि 12:00 से 12:55 (16 जनवरी)
  • दिशा शूल: दक्षिण दिशा

🎉 व्रत–पर्व विशेष

  • माघ बिहु
  • मट्टू पोंगल

देश के विभिन्न भागों में इन पर्वों को समृद्धि, नई फसल और लोकसंस्कृति से जोड़ा जाता है।

📜 धर्मग्रंथों से आज की सीख

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार द्वादशी तिथि में पूतिका (पोई) का सेवन वर्जित बताया गया है। यह उल्लेख ब्रह्मवैवर्त पुराण में मिलता है, जहाँ आहार और आचरण को जीवन के संतुलन से जोड़ा गया है।

🔱 कहाँ निवास करती हैं दरिद्रा देवी?

पुराण कथाओं के अनुसार समुद्र-मंथन के समय लक्ष्मीजी की ज्येष्ठ बहन दरिद्रा देवी प्रकट हुईं। देवताओं ने उन्हें उन स्थानों पर निवास का अधिकार दिया जहाँ नित्य कलह, कठोर वाणी, असत्य भाषण, अपवित्र आचरण और संध्याकाल में प्रमाद होता है। यह प्रसंग पद्मपुराण में वर्णित है। संदेश स्पष्ट है—आचरण सुधरे तो दरिद्रता दूर रहती है।

💠 शांति व आर्थिक समृद्धि का लोक-उपाय

रात्रि में सिरहाने सफेद कागज़ में थोड़ा कपूर रखकर प्रातः उसे घर से बाहर जला दें—मान्यता है कि इससे मानसिक शांति और आर्थिक स्थिरता का वातावरण बनता है।

🧠 स्मरण-शक्ति बढ़ाने का सूत्र

विशेषज्ञों के अनुसार याददाश्त कमजोर होने के मुख्य कारण हैं-

  1. मनोयोग का अभाव
  2. रुचि का अभाव
  3. एकाग्रता का अभाव
  4. संयम का अभाव

नियमित ध्यान और “ॐ गं गणपतये नमः” जैसे जप से एकाग्रता एवं स्मरण-शक्ति में वृद्धि संभव है।

🕉️ संदेश

माघ मास का यह दिन संयम, सत्य, सदाचार और सकारात्मक सोच को अपनाने की प्रेरणा देता है। काशी मानक समयानुसार आज का पंचांग बताता है कि आचरण ही भाग्य का निर्माण करता है।

आचार्य सुशील तिवारी से 9450160763 पर संपर्क कर सकते है।

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