सरकार की प्राथमिकता अधिक से अधिक पात्रो को मिले योजनाओ का लाभ : अजीत रावत

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अमित मिश्रा

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद में सदर विकास खण्ड के सभागार में एक्शन एड कर्नाटक प्रोजेक्ट के अंतर्गत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं मुख्य अतिथि के रूप में सदर ब्लॉक प्रमुख अजीत रावत उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत निशा कुरैशी द्वारा सभी प्रतिभागियों के स्वागत तथा प्रशिक्षण के उद्देश्य के विस्तृत परिचय के साथ हुई।

उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण विशेष रूप से अनुसूचित जनजाति समुदाय को सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली योजनाओं एवं अधिकारों की जानकारी देने हेतु आयोजित किया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग सरकारी लाभों से जुड़ सकें।

मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख अजीत रावत ने कहा कि वर्ष 2014 से अब तक केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा संचालित महत्वपूर्ण जन-कल्याणकारी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि सरकार अनुसूचित जनजाति समुदाय के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, सुरक्षा, आर्थिक सहायता, स्वरोजगार, सामाजिक सुरक्षा, पेन्शन, कौशल विकास और आजीविका से संबंधित अनेक योजनाएं चला रही है। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील की कि वे इन योजनाओं की जानकारी लें और अधिक से अधिक आवेदन कर लाभ प्राप्त करें।


महिला सशक्तिकरण पर विस्तृत चर्चा :- महिला थाना प्रभारी सविता सरोज ने महिलाओं से जुड़ी सरकारी योजनाओं पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से बताया कि महिला हेल्पलाइन 1090/181, घरेलू हिंसा अधिनियम,
वन स्टॉप सेंटर की सुविधाएँ, महिला सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और सरकारी सहायता योजनाएँ उन्होंने प्रशिक्षण में शामिल महिलाओं को जागरूक रहने और जरूरत पड़ने पर कानूनी व सरकारी सहायता लेने के लिए प्रेरित किया।


श्रम विभाग की जानकारी — श्रम विभाग से आए संजय मिश्रा ने अनुसूचित जनजाति से जुड़े श्रमिकों को मिलने वाले लाभों पर विस्तार पूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निर्माण श्रमिक पंजीकरण, मातृत्व सहायता, मृत्यु/दुर्घटना सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण, बच्चों की छात्रवृत्ति, आवास सहायता तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाएँ सरकार द्वारा नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाती हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को पंजीकरण और नवीनीकरण की प्रक्रिया भी समझाई।

मनरेगा लोकपाल द्वारा जानकारी :- मनरेगा से जुड़े लोकपाल जी ने मनरेगा अधिनियम, मजदूरी भुगतान, जॉब कार्ड, कार्य चयन, काम की उपलब्धता, शिकायत निवारण प्रक्रिया, तथा अनुसूचित जनजाति परिवारों को मिलने वाली प्राथमिकता पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मनरेगा ग्रामीण परिवारों को रोजगार और आर्थिक सुरक्षा देने के लिए एक मजबूत योजना है, जिसका प्रभावी उपयोग ज़रूरी है

मजदूर संघ पर चर्चा — वही कमलेश कुमार ने मजदूर संघ की भूमिका, श्रमिकों के अधिकार, संगठन की आवश्यकता तथा मजदूरों को एकजुट होकर अपनी समस्याओं को रखने के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि मजदूर संघ के माध्यम से कई लाभ और सरकारी सुविधाएँ सुनिश्चित कराई जा सकती हैं। यह पूरा प्रशिक्षण कार्यक्रम अनुसूचित जनजाति समुदाय को सरकारी योजनाओं, उनके अधिकारों और सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। सभी विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों के सवालों के जवाब दिए और उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने हेतु प्रेरित किया।


कार्यक्रम का सफल संचालन किया गया और अंत में सभी प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताया।

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