सीएस पाण्डेय
बभनी(सोनभद्र/उत्तर प्रदेश)। स्थानीय विकास खण्ड के ग्राम पंचायत अधिकारियों ने ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली के विरोध में आंदोलन शुरू कर दिया है। यह प्रणाली 1 दिसंबर से लागू की जा रही है। बभनी विकास खंड के अधिकारियों ने क्रमिक और सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि बिना आवश्यक संसाधन और सुविधाएँ उपलब्ध कराए इस प्रणाली को थोपा जा रहा है, जिससे कार्यप्रणाली प्रभावित होगी।संघ द्वारा जारी एक प्रेस नोट के अनुसार, शासन के विशेष सचिव के 3 नवंबर, 2025 के आदेश के बाद जिलों में आनन-फानन में ऑनलाइन उपस्थिति लागू की जा रही है। हालांकि, अधिकांश विकासखंडों में इंटरनेट, बिजली, उचित कार्यालय व्यवस्था और सुरक्षित कार्यस्थल जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है।
ग्राम पंचायत अधिकारी संघ ने यह भी बताया कि पंचायत सहायक/अकाउंटेंट-कम-डेटा एंट्री ऑपरेटर प्रणाली लागू होने के बाद कई ग्राम पंचायतों का कार्यभार असंतुलित हो गया है। सचिवों को उनके मूल विभागीय कार्यों के अलावा विभिन्न विभागों के दायित्व भी सौंपे जा रहे हैं, जिससे उनकी कार्यकुशलता प्रभावित हो रही है। संघ का आरोप है कि कई पत्र भेजने के बावजूद शासन ने इस संबंध में कोई ठोस बातचीत नहीं की है।
इस आंदोलन में ग्राम पंचायत अधिकारी हेमंत शुक्ला, राज बहादुर सिंह, रामसेवक, अमित सिंह, कमलेश भारती और चारुलता सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए।







