आन लाइन फ्राड के लिए स्वयं का जागरूक होना आवश्यक, साइबर ठगी होने 1930 पर करे काल:अमित दुबे

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अमित मिश्रा

QR कोड ऐप से पैसे ट्रांसफर न करें और न ही फॉलो करे:पुलिस अधीक्षक

साइबर जागरूकता, यातायात नियम एवं मिशन शक्ति’ पर जन-जागरूकता कार्यक्रम का भव्य आयोजन

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद में पुलिस महानिदेशक के निर्देश व  पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के नेतृत्व में मंगलवार को एक होटल में “साइबर जागरूकता, यातायात नियम एवं मिशन शक्ति” विषय पर एक विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। वही इस कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक, साइबर क्राइम वीके सिंह एवं अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन पीयूष मोर्डिया वर्चुअल माध्यम से जुड़े।

इस दौरान पुलिस महानिदेशक वीके सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से छात्र-छात्राओं, उद्यमियों एवं नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव के लिए स्वयं सतर्क रहें, किसी भी संदिग्ध लिंक, कॉल या मैसेज पर विश्वास न करें। साइबर अपराधों की रोकथाम में पुलिस के साथ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सबसे अहम है।


उन्होंने सभी से सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने, OTP साझा न करने, बैंकिंग जानकारी गोपनीय रखने, तथा किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना 1930 हेल्पलाइन पर देने की अपील की।


जनपद के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक साइबर सुरक्षा, यातायात सुरक्षा एवं मिशन शक्ति विषयों पर आधारित गीत, नाटक, पोस्टर प्रदर्शन एवं लघु फिल्में प्रस्तुत कीं।
इन शिक्षाप्रद प्रस्तुतियों के माध्यम से छात्रों ने यह संदेश दिया कि
साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता और सतर्कता ही सबसे प्रभावी उपाय हैं। सोशल मीडिया पर सोच-समझकर जानकारी साझा करें, किसी भी संदिग्ध लिंक या कॉल से दूरी बनाए रखें और साइबर हेल्पलाइन पर तुरंत सूचना दें।
यातायात सुरक्षा पर आधारित नाट्य प्रस्तुति में छात्रों ने संदेश दिया
कि हेलमेट पहनें, सीट बेल्ट लगाएँ, गति सीमा का पालन करें और मोबाइल का प्रयोग न करें।


मिशन शक्ति विषयक लघु फिल्मों और समूह गीतों के माध्यम से छात्राओं ने आत्मरक्षा, आत्मनिर्भरता एवं नारी सशक्तिकरण का प्रेरक संदेश दिया। इन प्रस्तुतियों को अधिकारियों द्वारा सराहा गया और छात्रों को “जागरूकता के युवा दूत” के रूप में समाज में ऐसे प्रयास जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

मुख्य अतिथि अमित दुबे ने कहा कि डिजिटल अरेस्ट नामक कोई वैधानिक शब्द नहीं है। अतः यदि कोई व्यक्ति इस नाम से लिंक या कॉल भेजे, तो उस पर भरोसा न करें। किसी भी अनजान लिंक, QR कोड या ऐप से पैसे ट्रांसफर न करें और न ही अज्ञात कॉलर के कहने पर कॉल मर्ज या कॉल फॉरवर्डिंग करें।
उन्होंने बताया कि लिंक फ्रॉड, ई-कॉमर्स फ्रॉड, APK/ऐप इंस्टॉल फ्रॉड, फ्री वाई-फाई फ्रॉड, बिजली बिल फ्रॉड, OLX फ्रॉड जैसे अनेक तरीकों से साइबर ठगी की जा रही है। उन्होंने सुझाव दिया कि मोबाइल में SIM कार्ड लॉक सक्रिय करें तथा Mobi Armour जैसे प्रमाणित सुरक्षा एप का प्रयोग करें, जो छह प्रकार से साइबर सुरक्षा प्रदान करता है।


“साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें और अपने बैंक को ईमेल कर अकाउंट फ्रीज करवाएँ। सरकार की आधिकारिक वेबसाइट www.csk.gov.in
(साइबर सुरक्षा केंद्र) पर जाकर एंटी-वायरस, बॉट रिमूवल टूल्स एवं सुरक्षा उपाय प्राप्त किए जा सकते हैं।


पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने कहा कि साइबर अपराध से निपटने का सबसे बड़ा हथियार जागरूकता है। यातायात नियमों का पालन जीवन की सुरक्षा का मूल मंत्र है और मिशन शक्ति अभियान महिला सुरक्षा व सम्मान की दिशा में एक सशक्त पहल है।


अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अनिल कुमार ने कहा कि साइबर अपराधों से बचने के लिए पुलिस और समाज का पारस्परिक सहयोग आवश्यक है। हर नागरिक अपने मोबाइल और डिजिटल खातों को सुरक्षित रखे।

वही क्षेत्राधिकारी नगर ने कहा कि रणधीर मिश्रा युवा वर्ग ऑनलाइन सबसे सक्रिय है, अतः उन्हें सोशल मीडिया पर विशेष सतर्क रहना चाहिए और किसी भी संदिग्ध लिंक या जानकारी को तुरंत रिपोर्ट करना चाहिए।


क्षेत्राधिकारी ओबरा हर्ष पाण्डेय ने कहा कि यातायात नियमों की अनदेखी दुर्घटनाओं का मुख्य कारण है। सभी नागरिक हेलमेट, सीट बेल्ट और गति सीमा का पालन करें।

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