उच्च न्यायालय ने पुलिस अधीक्षक से सात अक्टूबर तक मांगा हलफनामा

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अमित मिश्रा

अपहृत लड़की की बरामदगी व बभनी थाना क्षेत्र में नाबालिक लड़की से दुष्कर्म का आरोप

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद में बभनी थाना क्षेत्र से माह भर पूर्व अपहृत लड़की को अब तक पुलिस आरोपियों के कब्जे से मुक्त नहीं करा पाई है। थक हार कर अपहृत लड़की की मां ने अधिवक्ता के जरिए हाईकोर्ट प्रयागराज में न्याय के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया। जिसे हाईकोर्ट ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए एसपी सोनभद्र को उक्त संबंध में हल्फनामा दाखिल करने का आदेश दिया है।

इस सम्बंध में अधिवक्ता विकास शाक्य ने बताया कि नौ अगस्त 2025 की रात को बभनी थाना क्षेत्र के एक गांव में नाबालिक लड़की के साथ दुष्कर्म की घटना घटित हुई। पीड़िता की मां घटना की लिखित तहरीर थाना बभनी जाकर पुलिस को दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गयी। इस बीच मे आरोपियों ने पीड़िता के पिता और अन्य सदस्यों को मारपीट इसकी भी सूचना पुलिस को दी गयी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गयी। तब पीड़िता की मां ने पॉक्सो न्यायलय मे मुकदमा दर्ज कराने के लिए अधिवक्ता विकास शाक्य के जरिये वाद प्रस्तुत किया। जिस पर न्यायलय ने थाने से रिपोर्ट तलब किया ,उसके बाद थाना प्रभारी ने जबरदस्ती तहरीर बदलवा कर मुकदमा दर्ज किया। पीड़िता की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में लिखा है कि 09 अगस्त 2025 को समय करीब 11 बजे रात्रि की घटना है। मेरी लड़की उम्र लगभग 17 वर्ष जन्मतिथि-01-01-2008 है, को शादी का झांसा देकर प्रदीप गुप्ता बहला फुसला कर अपने घर ले गया।
प्रदीप का घर भी बभनी थाना क्षेत्र में है। इस बात की जानकारी करने मेरा लड़का 25 अगस्त को गया तो मेरे लड़के को रास्ते में अपने घर के सामने कई लोग जातिसूचक शब्द का गाली देते हुये मारापीटा व जान से मारने की धमकी दी।
24 अगस्त को सूचना दिया वही पीड़िता ने यह भी लिखा है कि मेरे पति जब मेरे पुत्र को छुड़ाने गये तो उनको भी मारा-पीटा गया। पीड़िता की मां ने बताया कि पीड़िता की बेटी के साथ दुष्कर्म किया गया है। इतना ही नहीं आरोपी और उसके परिवार के लोग लड़की को अपने कब्जे में रखे हैं, लड़की को अब तक बरामद नहीं किया गया है।
अधिवक्ता ने बताया कि उच्च न्यायालय ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए सोनभद्र के पुलिस अधीक्षक, सीओ, स्टेशन हाउस ऑफिसर, पुलिस स्टेशन बभनी को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया है कि भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 137(2), 87, 115(2), 351(3) और 352 तथा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(1)(आर), 3(1)(एस) और 3(2)(वी) के अंतर्गत मुकदमा अपराध संख्या 0129/2025 को जन्म देने वाली हस्तलिखित एफआईआर, पुलिस स्टेशन बभनी, जिला सोनभद्र, चेक एफआईआर के साथ 07 अक्टूबर को या उससे पहले न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की जाए।
सोनभद्र के पुलिस अधीक्षक अगली निर्धारित तिथि तक अपना हलफनामा दाखिल करेंगे, जिसमें यह दर्शाया जाएगा कि पीड़िता, जिसका पांचवें और छठे प्रतिवादियों द्वारा अपहरण किया जाना बताया गया है, को अब तक क्यों नहीं बरामद किया गया है।

यह आदेश रजिस्ट्रार (अनुपालन) द्वारा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सोनभद्र के माध्यम से पुलिस अधीक्षक, सोनभद्र, क्षेत्राधिकारी, सोनभद्र, जिला-सोनभद्र और थाना प्रभारी, पुलिस स्टेशन – बभनी, जिला-सोनभद्र को 48 घंटे के भीतर सूचित करने के लिए भी आदेशित किया है।

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