चंदौली जिले के नौगढ़ तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत केसार स्थित पड़रिया प्राथमिक विद्यालय को कंपोजिट विद्यालय धनकुंवारी में विलय करने के आदेश के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। मंगलवार को धरना आंदोलन का नौवां दिन भी जारी रहा।
अधिकारियों की चुप्पी से बढ़ा आक्रोश
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि धरना शुरू हुए नौ दिन बीत गए, लेकिन अब तक कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। खंड शिक्षा अधिकारी और अन्य अफसरों की चुप्पी से लोगों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
शिक्षा के हक की लड़ाई
नेताओं और ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि यह आंदोलन केवल विद्यालय विलय का विरोध नहीं है, बल्कि बच्चों की शिक्षा और भविष्य बचाने की लड़ाई है। उनका कहना है कि सरकार को बच्चों की पढ़ाई से खिलवाड़ करने का कोई अधिकार नहीं है।
आंदोलन में जुटी भारी भीड़
मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण, अभिभावक, महिलाएं और बच्चे धरना स्थल पर मौजूद रहे। भीम आर्मी कार्यकर्ताओं के साथ ही पूर्व जिला सचिव श्यामसुंदर समेत कई जनप्रतिनिधि भी आंदोलन में शामिल हुए।
ग्रामीणों की एकजुटता
गांव के लोगों ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक आदेश वापस नहीं होगा, धरना हर हाल में जारी रहेगा। महिलाएं और बच्चे भी धरने में शामिल होकर यह संदेश दे रहे हैं कि यह सिर्फ पुरुषों का नहीं, बल्कि पूरे गांव का आंदोलन है।
प्रशासन के लिए चुनौती
धरना आंदोलन के लगातार नौवें दिन तक पहुंचने से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर सरकार ने समय रहते आदेश वापस नहीं लिया, तो आंदोलन और अधिक उग्र रूप लेगा।







