वीरेन्द्र कुमार
लोकलाज की डर से परिजनों ने नवजात को झाड़ियों में फेंका
विंढमगंज(सोनभद्र/उत्तर प्रदेश)। स्थानीय थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक गांव की नाबालिक व अविवाहित गर्भवती युवती को दर्द होने पर परिजनों के द्वारा शनिवार की शाम एम्बुलेंस से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर लाया गया जहां मौके की हालत को देखते हुए स्वास्थ्य कर्मियों के द्वारा उसे रेफर कर दिया गया। इसी बीच एंबुलेंस में ही युवती ने एक नवजात शिशु को जन्म दिया,मौके पर मौजूद एएनएम कुंती देवी ने उक्त महिला व नवजात शिशु को पूरी रात प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ही प्राथमिक उपचार व देखभाल के लिए भर्ती कराया।
आज सुबह युवती के साथ आए परिजनों ने छुट्टी लेकर जब घर की ओर निकले तो परिजनों ने लोक लाज की डर से उक्त नवजात को जनपद की सीमा से लगे झारखंड राज्य के धुरकी थाना अंतर्गत मकरी ग्राम पंचायत में यूकेलिप्टस के जंगल में रख कर अपने घर चले गए।
वही नवजात के रोने की आवाज सुन मुखिया इंद्रजीत कुशवाहा ने प्राथमिक उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र विंढमगंज पर लाया तो नवजात शिशु का भेद खुल गया।
इस संबंध में ग्राम प्रधान विमल यादव ने बताया कि हमारे ग्राम पंचायत में इस तरह की घटना हुई है जो काफी निंदनीय हैं ।
वही थाना प्रभारी निरीक्षक शेषनाथ पाल ने बताया कि हमें इसके बाबत कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुआ है।
वहीं झारखंड राज्य के धुरकी थाना अंतर्गत मकरी गांव निवासी चंदन बैठा घर के नजदीक यूकलिप्टस के जंगल में सुबह आठ बजे शौच के लिए जा रहे थे। इसी बीच झाड़ी से बच्चा रोने का आवाज आया तो पास गए तो देखा की एक नवजात बच्चा रो रहा है इसे देखते ही उन्होंने पंचायत के मुखिया इंद्रजीत कुशवाहा को फोन कर सूचना दी। जिस मुखिया इंद्रजीत कुशवाहा ने कहा कि बच्चे को लेकर मेरे घर आ जाइए। मुखिया इंद्रजीत कुशवाहा के दरवाजे पर नवजीत को देखने वालो की भारी भीड़ इकट्ठा हो गयी।
दरवाजे पर भीड़ को इकठ्ठा होते देख मुखिया ने इसकी सूचना धुरकी थाने को दिया। सूचना के बाद धुरकी थाने के एएसआई सुनील कुमार मुखिया के घर पहुंचकर वस्तु स्थिति की जानकारी लेते हुए उक्त नवजात को मुखिया इंद्रजीत कुशवाहा को लिखित रूप से देख भाल के लिए सुपुर्द कर दिया।







