अमित मिश्रा
सोनभद्र। जिले की एकमात्र नगर पालिका की बदहाली की हकीकत पहली ही बारिश में सामने आ गई। सोमवार की रात हुई तेज बारिश ने नगर पालिका की तैयारी और दावों की पोल खोल दी। शहर की मुख्य सड़कें और गलियां पानी में डूब गईं। जगह-जगह जलभराव के चलते लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बारिश के कुछ ही देर बाद नगर के प्रमुख बाजार, अस्पताल रोड, स्टेशन रोड और कॉलोनियों की सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। नालों की सफाई न होने और ड्रेनेज सिस्टम फेल होने से गंदा पानी सड़कों पर बहता रहा। कई जगह नालों का पानी सड़क पर फैल गया और लोग अपने घरों से निकल भी नहीं पाए।

राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को जलभराव से सबसे अधिक दिक्कत हुई। कई वाहन पानी में फंसकर बंद हो गए, जिन्हें लोगों ने काफी मशक्कत से बाहर निकाला। स्कूली बच्चों और दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों ने नगर पालिका प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि हर साल की तरह इस बार भी बरसात से पहले नाले-नालियों की सफाई नहीं कराई गई। वहीं, नगर पालिका के अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते नजर आए। उन्होंने सफाई कर्मियों की कमी और संसाधनों का अभाव बताकर हाथ खड़े कर दिए।
शहरवासियों ने जिला प्रशासन से तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था करने और नगर पालिका पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी तो आंदोलन किया जाएगा।
बरसात की पहली फुहार में ही नगर की दुर्दशा देखकर लोगों में आक्रोश व्याप्त है और सभी की नजरें अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।







