योग को जीवन का अनिवार्य हिस्सा बनाए

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अमित मिश्रा

ओबरा (सोनभद्र) । गांधी मैदान में राष्ट्रीय नवनिर्माण सेना ट्रस्ट के तत्वावधान में एक विशेष योग कक्षा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष आनन्द पटेल दयालु ने की। इस विशेष योग सत्र में ओबरा क्षेत्र के नागरिक प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहे, जबकि देशभर से सैकड़ों लोगों ने ऑनलाइन माध्यम से इस योग कक्षा को देखा और योगाभ्यास में भागीदारी की। यह आयोजन स्थानीय स्तर पर आयोजित होकर भी राष्ट्रीय चेतना का वाहक बना।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय योग संरक्षक धनराज सिंह तथा राष्ट्रीय योग गुरु श्री झल्लन शर्मा रहे। दोनों अतिथियों ने उपस्थित लोगों को योग के विविध आसनों, प्राणायाम एवं ध्यान की तकनीकों का अभ्यास कराते हुए योग के महत्व पर विस्तृत प्रकाश डाला।
धनराज सिंह ने कहा, “योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह आत्मा को जाग्रत करने और राष्ट्र सेवा की भावना को मजबूती देने का साधन है। हमारा शेष जीवन अब राष्ट्रीय नवनिर्माण योग सेना को समर्पित है। हम चाहते हैं कि हर युवा, हर नागरिक योग को अपनाकर न केवल अपने शरीर को स्वस्थ बनाए बल्कि राष्ट्र के निर्माण में भी अपनी भूमिका निभाए।”
योग गुरु झल्लन शर्मा ने कहा, “योग भारतीय संस्कृति की आत्मा है। इसे केवल शारीरिक व्यायाम के रूप में न देखें, बल्कि इसे जीवन की संपूर्णता का मार्ग समझें। योग से न केवल बीमारियाँ दूर होती हैं, बल्कि मन और मस्तिष्क में शांति का संचार होता है। आने वाले समय में राष्ट्रीय नवनिर्माण योग सेना पूरे भारत में योग क्रांति का सूत्रपात करेगी।”
अध्यक्षता कर रहे आनन्द पटेल दयालु ने अपने उद्बोधन में कहा, “यदि तन और मन को स्वस्थ रखना है, तो योग को अपनाएं। योग न केवल दवाओं से मुक्ति दिलाता है, बल्कि यह आत्मबल, अनुशासन और सकारात्मक सोच को भी जन्म देता है। हम चाहते हैं कि गाँव-गाँव, गली-गली में योग की लौ जले, ताकि भारत न केवल राजनीतिक, बल्कि मानसिक और शारीरिक रूप से भी आत्मनिर्भर बने। जब व्यक्ति योग करता है, तो वह अपने भीतर की शक्ति को पहचानता है, और वही शक्ति उसे समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण की ओर ले जाती है।”
उन्होंने आगे कहा, “हर व्यक्ति अगर 30 मिनट रोज़ योग करे, तो अस्पतालों की लाइनें छोटी हो जाएँगी, मानसिक तनाव कम होगा और समाज में समरसता का विकास होगा। हमें सिर्फ योग करना नहीं है, बल्कि दूसरों को भी योग के लिए प्रेरित करना है। यही सच्ची देशभक्ति है।”
इस विशेष योग कक्षा में राष्ट्रीय योग सलाहकार लाल बहादुर यादव, जनाब डॉ. जाहिद, जनाब गुलाम, विनोद चौहान, कुमारी महिमा मित्तल, कुमारी अर्पिता पांडे, कुमारी हर्षित पांडे और कुमारी श्रीजी राय जैसे विशिष्ट जनों ने भी भाग लिया और योग के महत्व को गहराई से जाना।
यह आयोजन न केवल एक योग सत्र था, बल्कि एक संकल्प था – स्वस्थ भारत, सशक्त भारत की दिशा में।

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