दलितों को उनके नागरिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है।

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

O – दलितों, महिलाओं अल्पसंख्यकों का हो रहे उत्पीड़न के बंद हो : नन्दलाल आर्य

O – माकपा कार्यकर्ताओं ने एक सप्ताह के राज्य व्यापी अभियान चलाकर सौंपा पत्र

सोनभद्र। देश और उत्तर प्रदेश के अंदर दलित महिलाओं और अल्पसंख्यकों पर अत्याचारों की बाढ़ सी आ गई है । दलितों को उनके नागरिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। घोड़ी पर बैठकर बारात निकालने वाले दलित दूल्हे को रोके जाने की वारदातें बहुत तेजी से बढ़ रही। दलितों को अपने मूंछ रखने और घड़े से पानी पीने पर दलितों की हत्या और उन्हें जलाकर मारने की घटनाएं अब आम हो चली है । महिलाओं को यौन उत्पीड़न का शिकार बनाया जा रहा है घरेलू एवं सामाजिक हिंसा के साथ-साथ महिलाओं की हत्या के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं ।अल्पसंख्यकों के खिलाफ सुनियोजित तरीके से नफरत की जहर उगलकर उन्हें दोयम दर्जे का नागरिक बनाने की साजिश की जा रही है । मुस्लिम समाज के खिलाफ धार्मिक उन्माद भड़काकर जनता के रोजमर्रा के जीवन की जुड़ी परेशानियों से आम आदमी का ध्यान भड़काया जा रहा है। इस तरह की वेजा हरकतों को अगर सत्ता पक्ष का खुला समर्थन मिलता हो तो हालात और भी गंभीर एवं खतरनाक हो जाते हैं जैसे उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद के करछना में एक दलित युवा की हत्या करने के बाद जलाया गया , नजीबाबाद में होली के लिए एक दलित युवा को धक्के मार कर जलते होली में गिराया गया जिससे वह सुलझ गया , झांसी में इक उच्च जाति के दरवाजे के सामने से चले जाने के बाद बुलाकर आठ दलितों के साथ मारपीट की गई तथा बाद में सभी की हत्या कर दी गई सोनभद्र की आदिवासी हो अथवा मिर्जापुर का दलित सभी एक ही मानसिकता के शिकार हो रहे हैं यह सामंती मानसिकता हर जगह ताकतवर हो अपने से कमजोर को दबा रहा है इसी कारण आज महिलाओं के साथ बलात्कार की घटनाओं में बाढ़ आ गई है आए दिन युवतियां इसका शिकार हो रही है। साथ ही कुछ लोग जनता की धार्मिक भावना का फायदा उठाकर नफरत की राजनीति करते हैं सरकार के संरक्षण में वे अल्पसंख्यकों के खिलाफ नफरत की अभियान चलाते हैं बंगाल में हिंसा , कश्मीर में आतंकी घटना या इलाहाबाद में ही खीरी में छेड़खानी का विरोध करने पर छात्र की हत्या की घटना हो वहां मुख्यमंत्री गृह मंत्री या पुलिस प्रशासन से सवाल पूछने की वजह संप्रदायिक ताकते अपराधियों के धर्म के आधार पर कमजोर अल्पसंख्यकों के खिलाफ लोगों में जहर भरने का काम करती हैं। हाल में सिकंदरा बहरिया में पुलिस प्रशासन की सह पर सांप्रदायिक तत्वों ने दरगाह पर भगवा झंडा फहरा कर सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने का प्रयास किया था तब माकपा ने हस्तक्षेप किया वहीं लापरवाह पुलिसकर्मी निलंबित हुए पर इसका नतीजा यह हुआ की दरगाह के वार्षिक मौके के साथ-साथ बड़े पुरखों का साप्ताहिक मेला लगना भी बंद हो गया बड़े गाजी मियां की कहानी जो भी हो, वास्तविकता यह है कि स्थानीय हिंदू मुस्लिम दोनों की इन पर गहरी आस्था है साथ ही मेले के चलते व्यापारियों की आर्थिक गतिविधियां भी चल रही थीं। उत्तर प्रदेश के अन्य जनपदों जहां सोनभद्र भी है बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के प्रतिमा को तोड़ने की घटनाएं लगभग आए दिन हो रही है जिसकी सुरक्षा के लिए सरकार की नीतियां फेल हैं इस प्रकार से एक लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष देश में किसी भी व्यक्ति को यह अधिकार नहीं है कि यह कानून अपने हाथ में ले और लोगों की आस्था का अपमान करें ।
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी ( मार्क्सवादी ) माकपा , 2 से 8 मई तक सांप्रदायिक सौहार्द तथा सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए राज्यव्यापी अभियान चलाते हुए गुरुवार को माकपा के जिला मंत्री नन्दलाल आर्य के नेतृत्व में महामहिम राष्ट्रपति महोदया भारत नई दिल्ली,भारत के नाम राष्ट्रीय स्तर की एक छः सूत्रीय और दूसरा जिले स्तर की चार सूत्रीय मांग पत्र को जिलाधिकारी सोनभद्र को सौंपा गया।
इस अवसर पर जिला मंत्री नन्दलाल आर्य माकपा, कामरेड पुरुषोत्तम, महेंद्र प्रताप सिंह जिला कमेटी सदस्य, हनुमान प्रसाद चुर्क ब्रांच मंत्री सीपीआईएम, विकास, राजू, चतुरी, बचिया देवी, बुल्लू, शारदा प्रसाद, चिंता प्रसाद, बिजेंद्र राजपति रामनरेश जाखी भारतीय विश्वनाथ बलिराम सिंह यादव रामधनी अमरावती पन्ना शिवकुमारी देवी शिवचरण इत्यादि साथी मुख्य रूप से शामिल रहे।

IMG 20260928 WA0019
IMG 20260928 WA0020

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

1549
वोट करें

भारत की राजधानी क्या है?