नगरवासियों ने नम आंखों से दी भावभीनी विदाई
दुद्धी(सोनभद्र):दुद्धी नगर के प्रथम चेयरमैन गोपाल दास जायसवाल बुधवार को नगरवासियों समेत विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों ने नम आंखों से भावभीनी विदाई दी।बुधवार को कनहर व ठेमा नदी के संगम तट पर उनके पुत्र उत्कर्ष जायसवाल ने मुखग्नि दी और पंचतत्व में विलीन हो गये। इस मौके पर यहां निवासित हिन्दू,मुस्लिम,सिख,ईसाई धर्म से जुड़े भारी संख्या में लोग न सिर्फ उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए,बल्कि कनहर संगम तट पर होने वाली अंत्येष्ठि में शामिल होकर उनके कारनामो को याद करते हुए उन्हें नमन किया।
नगर पंचायत के गठन के बाद पहली बार अपने सरल व मृदुभाषी स्वभाव के कारण वर्ष 1988 से 2005 तक नगर चेयरमैन का पद सुशोभित करने वाले श्री जायसवाल के निधन की खबर से समाज का हर तबका मर्माहत दिखा। उनके आवास पर मंगलवार की रात्रि से ही लोगों का हुजूम अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा रहा। हर कोई उनकी एक झलक पाने को बेताब दिखा। सबके सुख दुःख के साथी हरदिल अजीज 72 वर्षीय श्री जायसवाल ने अपने 17 वर्षों के कार्यकाल अनेकों ऐतिहासिक कार्य किये।मंगलवार को अचानक उनकी तवियत बिगड़ी तो परिजनों ने उन्हें सीएचसी में दिखाकर,बेहतर इलाज के लिए वाराणसी लेकर निकल पड़े। इस बीच राबर्ट्सगंज पहुंचते ही शाम करीब 7 बजे उनकी सांसे थम गई।उनके निधन की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे नगर में शोक की लहर दौड़ गयी। पूरी रात उनके अंतिम दर्शन का क्रम चलता रहा। बुधवार को दोपहर करीब दो बजे कनहर ठेमा नदी के संगम तट पर उनके पुत्र उत्कर्ष जायसवाल ने मुखग्नि दी और वे पंचतत्व में विलीन हो गये। इस मौके पर उनके अनुज बंशीधर जायसवाल,गिरवर जायसवाल,मनोज जायसवाल,कौस्तुब जायसवाल,संतोष जायसवाल आदि स्वजन व दूर दराज से आये तमाम रिश्तेदार भी इस क्षण के गवाह बनते हुए उन्हें नम आंखों से विदाई दी
दुद्धी-सिविल बार के अधिवक्ताओं ने शोक सभा कर न्यायिक कार्य से रहे विरत
प्रथम चेयरमैन के निधन पर दुद्धी बार के अध्यक्ष जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव व सिविल बार के अध्यक्ष विष्णुकांत तिवारी ने संयुक्त रूप से बैठक आहूत कर उनके कार्यकाल की चर्चा की। इसके बाद उपस्थित दोनों बार के अधिवक्ताओं के सहमति के बाद अधिवक्ताओं ने शोक सभा आयोजित कर दो मिनट का मौन रख अपनी संवेदना व्यक्त की। इस मौके पर रामपाल जौहरी,नन्दलाल,अरुणोदय जौहरी,प्रेमचंद यादव,रामजी पांडेय,राकेश श्रीवास्तव,रमेश चन्द्र आदि अधिवक्ता बन्धु उपस्थित रहे।
नगर पंचायत ने भी अर्पित किया श्रद्धांजलि
प्रथम चेयरमैन गोपाल दास जायसवाल के निधन पर नगर पंचायत अध्यक्ष कमलेश मोहन की अध्यक्षता में शोक सभा आयोजित कर उनके कार्यो को याद करते हुए नमन किया। इस मौके पर मौजूद सभासदों ने उनकी सेवाभाव को याद करते हुए कहा कि बिजली समस्या से नगरवासियों को निजात दिलाने के लिए वे अपने स्कूटर में सदैव एक लकड़ी की सीढ़ी बांधकर चला करते थे। कही कोई फाल्ट होने पर वे तत्काल लाइनमैन के साथ मौके पर तब तक मुस्तैद रहते थे,जब तक समस्या का निस्तारण नही हो जाता। इसी तरह की खट्टी मीठी यादे उनके कार्य काल मे सभासद के रूप में जिम्मेदारी निर्वहन करने वाले पूर्व सभासद महेंद्र सिंह,रामपाल जौहरी,भगवानदास सोनी,लल्लन प्रसाद आदि ने अपनी संवेदना व्यक्त कर अपने पूर्व चेयरमैन को श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं व्यापार मंडल ने मुख्य चौक पर शोक सभा के जरिये अपनी संवेदना व्यक्त की।
टूर्नामेंट संस्थापक के असामयिक निधन से मर्माहत
खिलाड़ियों ने शोक सभा कर दी श्रद्धांजलि
नगर के खिलाड़ियों व खेल प्रेमियों में शोक की लहर
दुद्धी, सोनभद्र। अंतरराज्जीय क्रिकेट टूर्नामेंट की नींव रखने वाले संस्थापक गोपाल दास जायसवाल की मंगलवार को असामयिक मौत से मर्माहत खिलाड़ियों ने शोक सभा कर नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित किया। बुधवार की अलसुबह टाउन क्लब क्रीड़ांगन पर अध्यक्ष सुमित सोनी की अध्यक्षता में मेजबान टीम के खिलाड़ियों ने 2 मिनट का मौन रख अश्रुपूरित आंखों से उन्हें खिराजे अकीदत पेश किया। खिलाड़ियों ने एक स्वर से कहा कि आज हम अपने आपको टूर्नामेंट में अभिभावक विहीन महसूस कर रहे हैं। टूर्नामेंट के संस्थापक बड़े भाई गोपाल दास जायसवाल का व्यवहार हर खिलाड़ी के प्रति कुछ ऐसा होता था जैसे वो हमारे अपने घर के सदस्य में बाप-भाई हों। बेहद शालीन व्यक्तित्व के धनी श्री जायसवाल जी हर खिलाड़ी से लगाव रख गार्जियन जैसा सलूक करते थे। हर खिलाड़ी के दिल मे उनके प्रति अघात प्रेम व सम्मान है, जिसे हम ताउम्र नहीं भूल पाएंगे। शोक सभा में मुख्य रूप से पूर्व अध्यक्ष जबीं खान, रजतराज, अंकुर बच्चन, सागर विश्वकर्मा, इरफान, रितेश जायसवाल, सनी, निशांत मोहन, धीरज, रेहान खान, निशु जौहरी, अयाज, प्रियांशु, युवराज सोनी सहित अन्य खिलाड़ी मौजूद थे।
पांच मित्र में अब हम तीन ही बचे
दुद्धी तहसील मुख्यालय पर प्रथम चेयरमैन की तमाम यादों के साथ ‘हम पांच’ की जोड़ी भी सुर्खियों में रहती थी। बुधवार को कनहर संगम तट पर अपने हरदिल अजीज दोस्त की अंतिम विदाई देने पहुंचे वरिष्ठ अधिवक्ता सत्यनारायण सिंह, वरिष्ठ व्यवसायी गोपाल सेठ व सुरेश गुप्ता ने गमगीन स्वर में बताया कि सुबह शाम हम पांच की जोड़ी दुनिया के झंझावतों से दूर एक साथ होकर चट्टी चौराहे पर गपशप करते थे। पहले विजय बाबू ने साथ छोड़ा,अब गोपाल भी साथ छोड़ कर चल दिये। पांच में से अब सिर्फ तीन ही बचे है।












