जिलाधिकारी से तेरह मृत घोषितो ने स्वयं जीवित होने की लगाई गुहार

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अमित मिश्रा

वृद्धा पेंशन में सरकारी तंत्र की खामियों के चलते जीवित व्यक्ति को मृत दिखा दिया सेंगेटरी

देवरी खुर्द में जहां अपने घर और गांव में मजाक का पात्र बन गए लाभार्थी

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद में एक ऐसा सरकारी तंत्र का कारनामा सामने आया कि 16 वृद्धा पेंशनधारको को मृत घोषित कर दिया गया जबकि 13 मृत घोषितो ने आज कलेक्ट्रेट पहुंच कर जिलाधिकारी से स्वयं जिन्दा होने की गुहार लगाया है। इस मामले को गम्भीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने सभी

पीड़ितों ने बताया कि समाज कल्याण विभाग से वृद्धा पेंशन के लिए पात्र 16 महिला -पुरूष को ग्राम पंचायत सचिव द्वारा मृत घोषित कर दिए जाने पर  सभी को अपात्र कर दिया गया। समज कल्याण विभाग द्वारा वृद्ध पेंशन रोके जाने का कारण पता चलेने पर आज 13 लोगों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुँच कर अपने आप को जीवित होने की गुहार लगाया। 

जिले में ऐसे पेंशनर्स की संख्या 13 के करीब हैं, जिन्हें अपने आपको जीवित होने का प्रमाण देने के लिए दर दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं। वृद्धा पेंशन नही मिली तो वह समाज कल्याण कार्यालय पहुंचे। समाज कल्याण विभाग में जब उनका विवरण देखा गया तो पता चला कि ग्राम सचिव द्वारा उन्हें मृत दिखा दिया गया था, जिसके चलते उनकी पेंशन भी काट दी गई। कुछ देर के लिए तो वह समझ ही नही पाए कि क्या करें और क्या नही। पेंशन उनके बैंक खाते में नहीं आई तब कहीं जाकर उन्हें अपने साथ हुए इस सरकारी मजाक की जानकारी मिली। उन्हें मृत किसने और क्यों घोषित किया यह न तो अधिकारी बता रहे हैं और न ही कर्मचारी।

इन मृत घोषित लोगो में शंकर, सन्तु , राम लखन, श्याम कुमारी , शिव शंकर , फूलमाधि , रामपट्टी , लाल, मुन्नी, शिवराम, सुखिया , राम सियावन ,वचिया सहित 13 लोग है।

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