तेरहवीं कार्यक्रम में दलितों को झूठी पत्तल में खिलाने का आरोप,मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच में जुटी

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नफीस

ग्रामीण बोले झूठ लिखाया गया मुकदमा उच्चाधिकारी करें मामले की सही जांच

मैनपुरी(उत्तर प्रदेश)। जनपद में बरनाहल थाना क्षेत्र के एक गांव में तेरहवीं कार्यक्रम के दौरान दलितों को जूठी पत्तल में खाना परोस कर खिलाने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने पीड़ितों की शिकायत को संज्ञान लेते हुए मामले में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। वही आरोपियों के परिजनों ने मामले को केवल राजनीतिक और झूठा बताया है, उनका आरोप है कि शराब के नशे में लोग आए थे और दावत के दौरान लड़ाई झगड़ा करने लगे, उनको लड़ाई झगड़ा करने से मना कर हटाया गया था। उन लोगों ने गलत हरिजन एक्ट मुकदमा दर्ज कर दिया। आरोपियों ने मामले की उच्चाधिकारियों से सही जांच करने की मांग की है।

मामला बरनाहल थाना क्षेत्र के गांव अढूपूर से जुडा बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार गांव निवासी रजनेश कठेरिया पुत्र देवेंद्र कठेरिया ने पुलिस को तहरीर देकर बताया उसका लड़का सौरभ अपने दो मित्रों के साथ बीते 30 अक्टूबर को रात 8 बजे तेरहवीं खाने के लिए गया था। इस दौरान वह खाने के लिए बैठे थे तभी नरेश यादव पुत्र बदन सिंह,अवनीश यादव पुत्र साहब सिंह, जैकी यादव पुत्र उमेश चंद्र,धीरेंद्र यादव पुत्र मुन्ना लाल यादव व अज्ञात लोगों ने उनके साथ मारपीट की और वहां से भगा दिया। उसके बाद आरोपी लोग अपने साथियों के साथ घर में घुस आये और मारपीट करते हुए जाति सूचक गालियां दी।

पुलिस ने तहरीर के आधार पर दलित उत्पीड़न की धाराओ में मुकदमा दर्ज करके आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। मामले पर बरनाहल थाना प्रभारी रोहतास सिंह ने बताया मुकदमा दर्ज कर लिया गया है आरोपियों की तलाश की जा रही है।

दोनों पक्ष एक दूसरे पर लगा रहे आरोप आरोपी पक्ष बोला सिर्फ राजनीतिक षड्यंत्र

वही जब मामले की जांच पड़ताल करने न्यूज एक्सप्रेस भारत की टीम ने दोनों पक्षों से जाकर मिली तो दोनों ने एक दूसरे के ऊपर आरोप लगाए हैं। दलित लोगों का कहना है कि उनको जूठी पत्तल में खाना परोसा गया था जिसको लेकर विवाद हुआ और उनके साथ मारपीट की गई, इसके साथ ही जाति सूचक गालियां देकर भगा दिया गया।

वही जब आरोपी पक्ष से बात की तो उन्होंने बताया कि हमारे गांव में राठौर (तेली) लोगों में एक व्यक्ति खत्म हो गया था जिसकी 13वीं का कार्यक्रम था आम लोगों को खाने के लिए यादव समाज के यहां दावत का आयोजन किया गया था यादव समाज पर ही सभी लोगों को खिलाने की जिम्मेदारी थी। जो मारपीट का आरोप लगा रहे हैं वह दावत खाकर शाम 5 बजे ही चले गए थे उसके बाद वह लोग अपने दोस्तों को लेकर रात लगभग 8 बजे आए सभी शराब के नशे में धुत थे। जिन्होंने वहां दावत के दौरान लड़ाई झगड़ा शुरू कर दिया और लोगों ने इनको लड़ाई झगड़ा ना करने की हिदायत देकर वहां से हटा दिया। इसके बाद इन लोगों ने राजनीति के तहत हम लोगों के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कर दिया।

वही मामले को लेकर जब ग्राम प्रधान सुषमा यादव से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जिस समय दावत का कार्यक्रम चल रहा था उस समय वह भी वहां मौजूद थी।हमारे गांव में एक राठौर (तेली) लोगों की 13वीं का कार्यक्रम था जिसकी जिम्मेदारी यादव समाज के लोगों को दी गई थी। यादव समाज के लोग ही उस जिम्मेदारी को निभा रहे थे। दावत का कार्यक्रम समाप्ति की ओर था तभी लगभग 8 बजे के टाइम दूसरे गांव के लफंगे टाइप के चार पांच लड़के आए वह शराब के नशे में थे और उपद्रव जैसा करने लगे हमारे लोगों ने उनको समझाया और उनको उनके घर वापस जाने की बात कहीऔर वह लोग चले गए।जैसा कि मीडिया में खबरों में चल रहा है जूठी पतला में खाना खिलाया और मारपीट की ऐसा कुछ हुआ ही नहीं है।

वही आरोपियों ने कहा कि हम लोग यह मांग करते हैं कि गांव में उच्च स्तरीय जांच कराई जाए चाहे सीओ साहब करें या एसपी साहब करें जिससे कि सही जानकारी हो कि आखिर में मामला क्या था।

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