सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां की रिहाई को लेकर जिलाधिकरी कार्यालय पर सर्व समुदाय का प्रदर्शन

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अमित मिश्रा

राष्ट्रपति को नामित ज्ञापन सौप रिहाई की मांग

सोनभद्र। समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता व प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खां पर फर्जी मुकदमे व कानूनी कार्रवाई किये जाने के विरोध में आज जिलाधिकारी कार्यालय पर सपा नेता हिदायतुल्ला खां के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन करते राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन सौपा गया।

उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं वरिष्ठ राजनीतिज्ञ मोहम्मद आजम खाँ पर रामपुर प्रशासन द्वारा लगभग 180 झूठे एवं निराधार मुकदमे लगाए गए हैं तथा द्वेष की भावना से प्रशासन एवं पुलिस की सांठ-गांठ,मिली भगत से सरासर फर्जी एवं मनगढ़ंत मुकदमा में सजा दिलाई जा रही है। शासन एवं प्रशासन की यह द्वेषपूर्ण एवं बदले की कार्यवाही मोहम्मद आजम खाँ के पूरे परिवार के खिलाफ की गई है।

मोहम्मद आजम खां की पत्नी सेवानिवृत प्रोफेसर तंजीम फातिमा के विरुद्ध भी इसी प्रकार के झूठे एवं फर्जी मुकदमे लगाये गये हैं। प्रोफेसर तंजीम फातिमा राज्य सभा एवं विधान सभा की सदस्य भी रह चुकी हैं, इसी प्रकार मोहम्मद आजम खाँ के पुत्र अब्दुल्ला आजम खाँ जो कि जनपद रामपुर के स्वार टाण्डा विधान सभा क्षेत्र से दो बार विधायक चुने जा चुके हैं, पर भी फर्जी एवं झूठे मुकदमे कायम किये गये हैं।


मोहम्मद आजम खां एवं उनके परिवार के विरूद्ध फर्जी एवं झूठे मुकदमे कायम करके पूरे परिवार को प्रताड़ित करने एवं निराधार व मनमानी कार्यवाहियों के जरिये सजा दिलाने के षड्यन्त्र में मण्डल एवं जनपद के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों का षडयंत्र है जो कि मोहम्मद आजम खाँ की छवि एवं राजनीति को धूमिल करके नुकसान पहुंचाने के इरादे रखते हैं। मण्डल एवं जनपद के कुछ अधिकारियों के इसी द्वेषपूर्ण रवैये एवं साजिशों के कारण मोहम्मद आजम खां दो साल से अधिक की जेल की यातना पूर्व में भुगत चुके हैं तथा अभी भी लगभग 11 महीने से जेल में हैं। वही तंजीम फातिमा भी लगभग दो साल की जेल की यातना भुगत चुकी हैं एवं उनके पुत्र अब्दुल्ला आजम खाँ दो साल की जेल की यातना पूर्व में भुगतने के बाद अभी भी लगभग 11 महीने से जेल में हैं।


मोहम्मद आजम खान एक वरिष्ठ राजनीतिज्ञ है जो की रामपुर सदर विधान सभा क्षेत्र से 10 बार विधायक चुने जा चुके हैं। 1996 से 2002 तक राज्यसभा सदस्य रहे तथा 2019 में लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुए। मोहम्मद आजम खान 1989, 1993, 2003 तथा 2012 में उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे।
मोहम्मद आजम खान ने अपनी लंबी राजनीतिक सेवाओं के साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी बहुमूल्य योगदान दिया है। कई माध्यमिक शिक्षण संस्थानों के साथ रामपुर में मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की स्थापना की है। लगभग 76 वर्षीय मोहम्मद आजम खान का संपूर्ण जीवन जन सेवा से जुड़ा रहा है तथा एक कर्मठ एवं ईमानदार राजनेता की हैसियत से उनकी पहचान रही है।


एक वरिष्ठ राजनीतिज्ञ मोहम्मद आजम खान के साथ होने वाले इस घोर अन्याय एवं फर्जी, निराधार और झूठी कार्रवाइयों को संज्ञान में लेकर राजनीतिक एवं व्यक्तिगत द्वेष की भावना से मोहम्मद आजम खान पर किए जा रहे अत्याचार के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही करने की मांग किया ताकि न्याय की रक्षा एवं सुरक्षा हो सके।


कार्यकम में  तनवीर खान हाजी आरिफ,  फारुक अली, नज़मुद्दीन, सूरज मिश्रा, खुर्शीद आलम, मुस्तफ़ा,विनीत सरोज़, पियूष यादव , गुलाम यासीन, हरिशंकर विश्कर्मा,राजा बीडीसी, शीतल, नशरुद्दीन , शाहिद , फैयास ,तब्ज़ील, जिलानी कादिर, हिफाज़त अली , रमेश यादव , अंशु मद्देशिया, इलियास,सरदार दिलकरन सिंह, भानु प्रताप बियार, सुशील राय,मुमताज़ शेख, रियासत अली,सुहैल कुरैशी व कमरुद्दीन आदि लोग शामिल रहे।

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