आचार्य सौरव कुमार भारद्वाज बोले- शुभ मुहूर्त में पूजन-अर्चन से मिलता है प्रभु का आशीर्वाद
सोनभद्र। व्रती महिलाओं ने शनिवार को वट सावित्री व्रत का विधि-विधान से पालन किया। सुहागिनों ने पति की दीर्घायु व परिवार की समृद्धि की मन्नतें मांगते हुए पीपल के वृक्ष की पूजा-अर्चना कर फेरे लगाए। व्रत के समापन पर गुरुजनों को सिद्दा दान कर आशीर्वाद लिया।

वट सावित्री व्रत पर महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में पीपल वृक्ष के नीचे एकत्र होकर पूजन किया। कथा श्रवण के बाद महिलाओं ने कच्चे सूत से वट वृक्ष की परिक्रमा की और पति की लंबी उम्र की कामना की। पूजा में मौली, अक्षत, फल, मिठाई और सुहाग की सामग्री अर्पित की गई। महिलाओं ने पीपल वृक्ष को जल अर्पित कर धूप-दीप से आरती उतारी। आचार्य सौरव कुमार भारद्वाज ने बताया कि वट सावित्री व्रत सौभाग्य और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। शुभ मुहूर्त में किए गए पूजन-अर्चन से प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि सावित्री ने अपने पातिव्रत धर्म और संकल्प से यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे, उसी आदर्श को ध्यान में रखकर सुहागिनें यह व्रत करती हैं। जिले के दुद्धि से सुहाग महिला पूजा गुप्ता ने बताया की पूजन के पश्चात गुरुजनों को सामग्री दान कर उनका आशीर्वाद लिया। व्रत के दौरान क्षेत्र में भक्ति और उल्लास का माहौल रहा। महिलाओं ने एक-दूसरे को वट सावित्री की शुभकामनाएं दीं और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना की।






