म्योरपुर/सोनभद्र। म्योरपुर स्थित रामलीला मंच और जामपानी स्थित मंगल बाजार में गुरुवार को नारद मोह की लीला का मनमोहक मंचन किया गया। कलाकारों के सजीव अभिनय ने दर्शकों का मन मोह लिया।
लीला की शुरुआत इंद्रदेव के दरबार से हुई। हिमालय की तराई में तपस्या कर रहे नारद जी की तपस्या भंग करने के लिए कामदेव को भेजा गया, लेकिन कामदेव असफल रहे, जिससे नारद जी को अहंकार हो गया। भगवान विष्णु ने परीक्षा के लिए माया रची। राजा शीलनिधि की पुत्री विश्वमोहिनी के स्वयंवर में नारद जी पहुंचे, लेकिन विष्णु जी ने विश्वमोहिनी से विवाह कर लिया। अपना वानर रूप देख नारद क्रोधित हुए और भगवान विष्णु को पत्नी वियोग का श्राप दे दिया। इसी प्रसंग पर लीला का समापन हुआ।
इस मौके पर रामलीला कमेटी के महाप्रबंधक सुनील कुमार सिंह, अध्यक्ष मोनू जायसवाल, मंडली अध्यक्ष शनि अग्रहरी, मीडिया प्रभारी पंकज सिंह सहित कमेटी के सदस्य मौजूद रहे।









