वीरेंद्र कुमार
विंढमगंज (सोनभद्र) । विंढमगंज की बेटी डॉ. एम. श्रृया जायसवाल ने चिकित्सा जगत में बड़ा मुकाम हासिल कर इलाके का नाम रौशन किया है। साउथ कोरिया के पुशान यूनिवर्सिटी से उन्होंने बोन कैंसर पर पीएचडी पूरी की है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।
डॉ. एम. श्रृया, विंढमगंज के प्रतिष्ठित समाजसेवी स्व. बाबू भगवान दास जायसवाल की पोती और सिविल इंजीनियर मनोज कुमार जायसवाल तथा सोशल वर्कर माता की पुत्री हैं। बाबू भगवान दास जायसवाल इस इलाके के शिक्षा और समाजसेवा की मजबूत नींव रखने वालों में गिने जाते हैं।
डॉ. श्रृया की शिक्षा यात्रा भी बेहद प्रेरणादायक रही। प्रारंभिक पढ़ाई विंढमगंज के मॉडर्न पब्लिक स्कूल से शुरू हुई, आगे की पढ़ाई सेंट जोसेफ हाई स्कूल कहलगांव (भागलपुर, बिहार) और कृष्णा पब्लिक स्कूल रायपुर (छत्तीसगढ़) से की। इसके बाद बीडीएस डेंटल कॉलेज गढ़वा (झारखंड) से बीडीएस पूरा करने के बाद उन्होंने पुशान यूनिवर्सिटी, साउथ कोरिया से एमडीएस और फिर पीएचडी (बोन कैंसर) हासिल की।
परिवार में डॉक्टरों की लंबी परंपरा होने के बावजूद पीएचडी की उपाधि पाने का गौरव सिर्फ डॉ. एम. श्रृया को मिला है। अपनी सफलता का श्रेय उन्होंने अपने माता-पिता, परिवार और मित्रों को दिया।
स्थानीय सन क्लब सोसायटी ने डॉ. एम. श्रृया की इस अद्वितीय उपलब्धि पर हर्ष जताते हुए जल्द ही सम्मान समारोह आयोजित कर उन्हें सम्मानित करने की घोषणा की है।







