अमित मिश्रा
आजादी के अमृत महोत्सव काल मे भी गांव तक नही पहुंची पक्की सड़क
एम्बुलेंस नही पहुंचने से हाल के दिनों हो चुकी है एक बुजुर्ग की मौत
सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। सूबे के मुखिया योग आदित्यनाथ के तमाम आदेश के बावजूद जनपद में ग्रामीण इलाकों में आवागमन की स्थित बरसात के दिनों में दयनीय है। आज जिला मुख्यालय से महज पांच से छः किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत नई व भरहिया के ग्रामीणों ने पक्की सड़क की मांग को लेकर किए जाने की मांग लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
अपना दल एस (विधि मंच ) के जिलाध्यक्ष संतोष पटेल के ने बताया कि जिला मुख्यालय से मात्र 5-6 किमी दूरी पर स्थित होने के बावजूद भी उनके गांव में आजादी के 78 वर्षों बाद भी पक्की सड़क नहीं है, जिससे उन्हें अनेक गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
इन गांवो में किसी बीमार व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाना हो तो काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। जिसमे कई बार जानलेवा घटनाएं भी हो जाती हैं। हाल ही में एक बीमार वृद्ध की मौत हो गई क्योंकि एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाई थी।
वही ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दिनों में स्कूली बच्चे जिला मुख्यालय स्थित तमाम निजी शिक्षण संस्थानों तक नहीं पहुंच पाते हैं, जिससे उन्हें शिक्षा से वंचित होना पड़ता है।ग्रामीणों ने बताया कि नकदी फसलों की खेती करने वाले खेतिहर किसानों को बरसात के दिनों में हिंदुआरी या मुख्यालय स्थित मंडियों में अपने खेतों की सब्जी तक ठीक ढंग से नहीं पहुंचा पाते हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक क्षति से भी गुजरना पड़ता है।
ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारियों की कौन कहे, स्थानीय जनप्रतिनिधि तक ग्रामीणों के दुःख-दर्द की सुध लेने को तैयार नहीं हैं। जिलाधिकारी से हमारी मांग है कि जल्द से जल्द उनके गांव में पक्की सड़क का निर्माण कराये ताकि सभी समस्याओं का समाधान हो सके। अगर जिलाधिकारी ऐसा करते है तो उनके जीवन में सुधार होगा और वे अपने दैनिक कार्यों को आसानी से कर पाएंगे।
इस प्रदर्शन में सैयद अफरोज अहमद, अनीश मौर्य, राजन, विशाल, विनोद, संदीप मौर्य, जितेंद्र कुमार, सुशील कुमार, मनोज कुमार, रमाशंकर मौर्य, राजेंद्र कुमार समेत सैकड़ो ग्रामीण शामिल रहे।







