अमित मिश्रा
37 बन्द पड़ी पत्थर खदानो को पुनः शुरू कराने की किया मांग
सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद के बिल्ली मारकुंडी पत्थर खनन क्षेत्र में 15 नवम्बर को हुए खनन हादसे के बाद बंद खदानो पत्थर को पुनः चालू करवाने की मांग को लेकर डाला उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के अध्यक्ष मुकेश जैन के नेतृत्व में रविवार को खनिकर्म एवं भूतत्व निदेशक माला श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपा गया।
रविवार को बिल्ली मारकुंडी स्थित खनन क्षेत्र का निरीक्षण करने पहुंची भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशक माला श्रीवास्तव को डाला व्यापार प्रतिनिधि मंडल अध्यक्ष मुकेश जैन नेतृत्व में रविवार को एक ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान साथ में सन्तोष शर्मा, रामू सिंह गोंड़, सुधीर सिंह, संजय मित्तल मौजूद रहे।
भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशक को सौंप गए ज्ञापन के माध्यम से व्यापार मण्डल अध्यक्ष ने बताया कि बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र की एक खदान में 15 नवम्बर को हुए हादसे के बाद बिना जाँच पड़ताल के डीजीएमएस द्वारा 37 पत्थर खदानो के खनन-परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया। जिसके कारण खनन कार्य से जुड़े करीब दस हजार मजदूर बेरोजगार हो गये। इन मजदूरो पर आश्रित 30 हजार परिवार के समक्ष रोजी रोटी के लाले पड़ने लगें है। खनन क्षेत्र में दैनिक मजदूरी करने वाले मजदूर ठंड, गर्मी और बरसात के मौसम में भी क्षेत्र में संचालित खदानों में काम कर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। खदानो में पत्थर ढोने के कार्य में लगे दो हजार से अधिक टीपर, पाँच सौ कम्प्रेशर मशीन, सैकड़ो पोकलैन मशीनो का संचालन पुरी तरह से ठप हो गया है। पत्थर खदानो पर पुरी तरह से निर्भर 250 क्रशर प्लांटो का संचालन ठप हो गया है। जिससे डाला स्टोन पत्थर क्रेशर के नाम से दुनिया भर में मशहूर गिट्टी का उत्पादन ठप हो गया है। खनन उद्योग पर निर्भर डाला, ओबरा एवं चोपन में संचालित चाय-पान, ठेला खुमचा, पंचर, सैलून आदि दुकानो पर सियापा छा गया है। खनन बंद होने से बेरोजगार मजदूरो एवं उन पर आश्रित परिवारो के समक्ष भूखमरी की स्थित उत्पन्न हो रही है। हालात यही रहा तो मजबूरन दैनिक मजदूरो को गैर प्रदेशो की ओर रोजी रोटी की तलास में पलायन करना पड़ सकता है।
जिसके कारण प्रदेश की अर्थ व्यवस्था को एक ट्रिलियन पहुचाने की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सोच को हर माह खनन उद्योग से 13 करोड़ रुपये राजस्व के रूप में भागीदारी निभाने वाले पाँच दशको से संचालित खनन को पुनःचालू कर जनपद में खुशहाली बहाल कराने के मांग को खनन निदेशक को ज्ञापन देकर अवगत कराया गया। जिससे दैनिक मजदूरो का जीवन सुखमय होने के साथ ही गिट्टी उद्योग फिर से चल सके और स्थानीय क्षेत्र में सुचारू रूप से व्यवसाय संचालित रहे।







