नवीन कुमार
कोन (सोनभद्र)। कोन से विंढमगंज और तेलगुड़वा तक की जर्जर सड़कों को लेकर वर्षों से उपेक्षित जनता अब चुप बैठने के मूड में नहीं है। आए दिन हो रही दुर्घटनाओं और आवागमन में आने वाली कठिनाइयों से त्रस्त होकर लोगों ने अब संघर्ष का रास्ता चुन लिया है। क्षेत्र की प्रमुख सड़कों की बदहाली के खिलाफ 10 जून को जनजागरण पदयात्रा का आयोजन किया जा रहा है, जिसकी अगुवाई पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अनिल यादव करेंगे।
यह पदयात्रा कोटा से शुरू होकर कोन तक जाएगी और रास्ते में विभिन्न गांवों से होकर गुजरेगी, जहां लोग इस आंदोलन से जुड़ते जाएंगे। पदयात्रा के समापन पर कोन में एक जनसभा आयोजित की जाएगी और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सड़क निर्माण की मांग की जाएगी। अनिल यादव ने इसे किसी राजनीतिक दल से जोड़ने की बजाय जनहित का आंदोलन बताया है। उन्होंने कहा कि यह जनता की आवाज है और इसमें सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और क्षेत्रीय नागरिकों को बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए।

क्षेत्र की यह सड़क वर्षों से जर्जर है, लेकिन प्रशासन की ओर से इसे लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई। यह वही मार्ग है जिससे न सिर्फ आम नागरिक बल्कि उपमुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और तमाम नेता भी गुजरते हैं। इसके बावजूद सड़क की दशा जस की तस बनी हुई है। आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित है।
अनिल यादव ने बताया कि सड़क की मरम्मत को लेकर वे पहले भी प्रशासन से पत्राचार कर चुके हैं लेकिन कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। अब समय आ गया है कि जनता खुद अपनी आवाज़ बुलंद करे और शासन-प्रशासन को यह एहसास कराए कि उनकी प्राथमिकताएं अब नजरअंदाज नहीं की जा सकतीं। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक मजबूत नींव रखेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि विकास के दावों की जमीनी हकीकत भी सुधरे।
क्षेत्रीय लोगों को उम्मीद है कि यह जनसंगठित पदयात्रा प्रशासन की नींद तोड़ेगी और जल्द ही सड़क मरम्मत या पुनर्निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।







