चंदौली जिले के नौगढ़ क्षेत्र में महर्षि वाल्मीकि सेवा संस्थान के तत्वाधान में बीजारोपण का कार्य दूसरे दिन भी जारी रहा। आज दिनांक 22/07/2025 को भी संस्थान के छात्र वासी बच्चों ने गुलेल विधि से सीड बाल फेंककर वृक्षारोपण किया।
11 जंगलों में किया गया वृक्षारोपण
वृक्षारोपण का कार्य चिकनी, औरवाटांड़, हरही, बैरगाढ, धनकुवारी, वकुलगट्टा, गेदुरहा, गंगापुर, देवदत्तपुर, तेंदुआ, मझगाई के जंगलों में किया गया। इस दौरान गुलर, पीपल, बरगद, चिलबिल, कटहल आदि के बीज मिट्टी के गोली में डालकर सुखवाए गए और फिर गुलेल के माध्यम से जंगलों में फेंके गए।
वृक्षारोपण का महत्व
महर्षि वाल्मीकि सेवा संस्थान के व्यवस्था प्रमुख सुरेश सिंह ने बताया कि वृक्षारोपण न केवल पर्यावरण को संरक्षित करने में मदद करता है, बल्कि यह भविष्य की पीढ़ियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपहार है। दूसरे दिन भी गुलेल विधि से जंगलों में सैकड़ों बीज फेंके गए, जिससे वृक्षारोपण का कार्य और भी गति पकड़ रहा है।
सहयोग में कार्यकर्ता और छात्र
इस कार्य क्रम में पूर्ण कालिक कार्यकर्ता विजेंद्र कुमार, महेश कुमार, कन्हैया लाल एवं छात्र वासी बच्चों ने भी भाग लिया और वृक्षारोपण के कार्य में अपना सहयोग दिया। आने वाले समय में भी इस तरह के प्रयास जारी रहेंगे।







