देश को आज ही के दिन मिला था संविधान: सुनील श्रीवास्तव

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अमित मिश्रा

26 जनवरी को देश संविधान मिला तब हम सब पूर्ण रूप से स्वतंत्र हुए: चित्रा जालान

दी आर्यन्स एकेडमी में नन्हे बच्चो ने सांस्कृतिक कार्यक्रम से सबका मोहा मन

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद में गणतन्त्र दिवस के अवसर पर दी आर्यन्स एकेडमी विद्यालय परिसर मे बहुत ही धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील श्रीवास्तव विशिष्ट अतिथि रामराज के द्वारा ध्वजारोहण करके किया गया।ध्वजारोहण के पश्चात भगवान गणेश, ज्ञान की देवी मां सरस्वती, भारत माता व संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके कार्यक्रम की सफलता व विद्यालय परिवार की उन्नति के लिए प्रार्थना की गई। इसके पश्चात मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथि को विद्यालय के उपाध्यक्ष विमल जालान व प्रबंध निदेशक विनोद कुमार जालान ने अंगवस्त्रम व स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया। इसके पश्चात तमाम सांस्कृतिक व देशभक्ति के कार्यक्रम बच्चों के द्वारा प्रस्तुत किए गए। जिसमें सरस्वती वंदना, स्वागत नित्य, स्वच्छता अभियान, काली तांडव, महिला शिक्षा की प्रथम प्रणेता सावित्रीबाई फुले पर नाटक, महिला सशक्तिकरण, जूठा खाना ना छोड़े पर एकांकी, छत्रपति शिवाजी, विभिन्नता में एकता नित्य, कॉमेडी नित्य आदि कार्यक्रम बड़े ही हर्षोल्लास के साथ संपन्न किए गए।

विद्यालय की प्रधानाचार्या चित्रा जालानजी ने 77 में गणतंत्र दिवस की बधाई सभी आगंतुकों को दी व बताया कि अंग्रेजों से स्वतंत्रता तो हमको 1947 में ही में मिल गई थी लेकिन जब हमको 26 जनवरी 1950 को हमारा संविधान मिला तब हम पूर्ण रूप से स्वतंत्र हो पाए थे।
उन्होंने यह भी बताया किया आजादी के इतने वर्षों के बाद भी हम विकसित भारत नहीं बन पाए जिसका संकल्प हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी जी ने 2047 तक विकसित भारत बनाने का लिया है यह सिर्फ इनका ही संकल्प नहीं बल्कि हर उस व्यक्ति का संकल्प है जो इस देश का नागरिक है। हम सभी को विकसित भारत बनाने का स्वप्न साकार करना होगा और यह तभी संभव है जब हम जांत पांत, छुआछूत, भेदभाव से ऊपर उठकर संगठित होकर काम करेंगे।

वही कार्यक्रम के समापन से पूर्व उपाध्यक्ष विमल जालान ने सभी का आभार व्यक्त किया व कार्यक्रम की सफलता के लिए बच्चों, अध्यापकों व उनके माता-पिता को बधाई भी दी और कहा कि इस तरह की कार्यक्रम से बच्चों का बौद्धिक और नैतिक विकास भी होता है। अतः विद्यालय में इस तरह की कार्यक्रम होते रहने चाहिए।

इस अवसर पर प्रियंका चौबे, यासमीन, सुल्ताना, निशा चौबे, प्रिया, सुमन जायसवाल, प्रतिमा चौबे, सुषमा पाण्डेय, अश्वनी कुमार, योगेश कुमार, महेश त्रिपाठी, उमाकांत दुबे, प्रांशु शुक्ला, हरिओम पाण्डेय आदि लोग उपस्थित रहे।

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