केन्द्र सरकार नये श्रम कानून से सबको बंधुआ मजदूर बनाना चाह रही है: राजीव रंजन

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अमित मिश्रा

जनपद के बैंकों पर एक दिवसीय हड़ताल,जताया विरोध

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। देश के नौ केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों के आवाहन पर बुधवार को 17 सूत्रीय मांगों को लेकर देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में जनपद के सभी बैंक कर्मचारियों ने एक दिवसीय हड़ताल किया। हड़ताल के दौरान सोनभद्र स्थित पंजाब नेशनल बैंक के बाहर बैंक कर्मियों ने मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान बैंक कर्मियों ने मजदूर विरोधी, कारपोरेट समर्थक रवैये का विरोध करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी किया।

यूपी बैंक इम्प्लाइज एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राजीव रंजन ने कहा कि उनकी मांगों में नए श्रम संहिताओं की वापसी सबसे अहम है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की जन व श्रम विरोधी नीतियों के विरोध में यह राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल की गई है। सरकार ने सभी को बंधुआ मजदूर बनाने की योजना बना ली है, जो बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार को अपने फैसले वापस लेने होंगे।

प्रदर्शनकारियो ने कहा कि सरकार को बैंकों का निजीकरण रोकना होगा, पर्याप्त भर्तियां सुनिश्चित करें, आउटसोर्सिंग भर्ती बंद की जाए, कॉरपोरेट के बकाया ऋणों की तत्काल वसूली हो, ग्राहकों के लिए बैंकों में सेवा शुल्क कम किया जाए।

जिलामंत्री मुकेश कुमार ने सरकार से मांग की है कि प्रतिगामी श्रम संहिताओं को लागू न किया जाए, ओपीएस बहाल करें, ट्रेड यूनियन अधिकारों में हस्तक्षेप बंद हो, बैंक कर्मियों की लंबित मांगों का निराकरण शीघ्र किया जाए।

वही प्रदर्शन करने वालों में राजेश, महेश, राहुल,अजय, दीपेश, उत्पल, रामजी, रामकेश, विकास, नीरज आदि बैंक कर्मी शामिल रहे।

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