श्रीराम कथा के सातवें दिन सुंदरकाण्ड का हुआ वर्णन

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अमित मिश्रा

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद में सदर तहसील के जलखोरी ग्राम में हनुमान मंदिर पर चल रहे मानस यज्ञ एवं श्रीराम कथा के सांतवे  दिन सायं काल श्री राम कथा, कथा वाचीका मानस माधुरी सुनीता पाण्डेय द्वारा भगवान राम और सुग्रीव की मित्रता एवं सुंदरकाण्ड कथा का वर्णन किया गया। इस उन्होंने कहा कि माता-सीता की खोज करते हुए भगवान राम की भेंट बजरंगबली से होती है, हनुमान जी द्वारा उनकी भेंट महाराज सुग्रीव से कराई जाती है।

कथा में कहा कि भगवान राम की मित्रता महाराज सुग्रीव से होती है यहां उनके द्वारा महाबली बालि का वध कर महाराज सुग्रीव को किष्किंधा का राजा बनाया जाता है। पुनः काफ़ी विचार विमर्श के बाद भगवान श्री राम द्वारा हनुमान जी को अपनी मुद्रिका देकर लंका भेजा जाता है जहां पर समुद्र मार्ग में बजरंगबली द्वारा राक्षसी सुरसा को परास्त किया जाता है। वही लंका के गेट पर पहरेदारी कर रही लंकिनी का वध कर लंका के अंदर माता सीता की खोज करते हुए संपूर्ण लंका में केवल एक धार्मिक राम भक्त मकान दिखाई देता है जहां उनकी भेंट महाराज विभीषण से होती है उनके द्वारा माता सीता का अशोक वाटिका में होने का पता चलता है। बजरंगबली अशोक वाटिका में पहुंचकर अशोक वृक्ष के नीचे रह रही माता-सीता के सामने ऊपर से अंगूठी गिराते हैं तथा पुनः नीचे आकर माता सीता को भगवान राम के बारे में सब कुछ बताते हैं तथा भूख लगा बताकर अशोक वाटिका में कंदमूल फल खाते हैं और समस्त वाटिका को तहस-नहस कर देते हैं।


इस अवसर पर कृष्ण कुमार .द्विवेदी, विजय राम पाठक, श्रीकांत पाठक,विजेंद्र नाथ तिवारी,रामपति पाठक, नारायण प्रसाद पांडे,नाम देव पांडे, पुजारी राजेंद्र पाठक एवं कल्पना पाठक, दिलीप सिंह,जयचंद सिंह,कृष्ण कुमार सिंह गोपी,गोविंद,सुदामा, जयशंकर,सूर्य नारायण सिंह प्रधान, सुरेश पाठक जितेंद्र सिंह, राजेश पटेल,रामप्रसाद सुभाष पाठक, वीरेंद्र पटेल, महेंद्र पटेल, रामकुमार पटेल, राजकुमार सिंह, गोविंद पटेलसमेत सैकड़ो लोग उपस्थित रहे।

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