सोनभद्र। भारतीय जनता पार्टी सोनभद्र द्वारा राबर्ट्सगंज के नगर पालिका सभागार में दसवें सिक्ख गुरु, श्री गुरु गोविन्द सिंह के दो छोटे पुत्रों बाबा जोरावर सिंह व बाबा फतेह सिंह की स्मृति में भाजपा द्वारा वीर बाल दिवस पर जिला संगोष्ठी व उनके जीवनी पर प्रदर्शनी का आयोजन सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में बतौर मुख्यअतिथि जनपद के जिला प्रभारी अनिल सिंह, सदर विधायक भूपेश चौबे, पूर्व सांसद रामशकल मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारम्भ बाबा जोरावन सिंह व बाबा फतेह सिंह के चित्र पर पुष्पार्पण कर किया तत्पश्चात् अतिथियों द्वारा प्रदर्शनी का फिता काटकर उद्घाटन कर अवलोकन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पालिका अध्यक्ष रुबी प्रसाद व संचालन जिला मंत्री/जिला संयोजक शंम्भू नारायण सिंह ने किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यअतिथि जिला प्रभारी अनिल सिंह ने कहा कि गुरु गोविन्द सिंह देश और धर्म के लिए अपने चारो पुत्रांे का बलिदान दिया देश को पहले रखने के प्रति अटूट प्रतिबद्धता एक गहन संकल्प के रुप मे प्रति ध्वनीत होती है श्री गुरु गोविन्द सिंह के चार पुत्र साहिबजादा अजीत सिंह, जुझार सिंह, जोरावर और साहिबजादा फतेह सिंह इस प्रतिबद्धता का उदाहरण देते है। मुगल सेना ने गुरु गोविन्द सिंह जी की सेना पर हमला कर दिया आनन्दपुर साहिब किला संघर्ष का प्रारंम्भिक विन्दु था सिरसा नदी पार करते समय परिवार लंबी लड़ाई के बाद परिवार बिछड़ गया बाद में नवाबो ने साहिबजादो को इस्लाम अपनाने के लिए कहा लेकिन उन्होंने इन्कार कर दिया और अपने धर्म के प्रति अपने प्रेम की अटूट श्रद्धा को प्रदर्शित किया। एक ओर मजहबी कट्टरता मे अंधी शक्तिशाली मुगल सल्तनत थी वहीं दूसरी ओर देश और धर्म के लिए अपनी प्राणों का बलिदान देने वाले गुरु गोविन्द सिंह जी जगमगाते और भारत के प्राचीन सिद्धांतो के अनुसार जीने वाले हमारे गुरु श्री गोविन्द सिंह जी थे एक ओर आतंकी और मजहबी कट्टरता की पराकाष्ठा थी तो दूसरी ओर आध्यात्मिकता की पराकाष्ठा और हर इंसान मे ईश्वर को देखने की दयालुता थी मुगलों के पास लाखों की सेना थी तो गुरु गोविन्द के वीर साहिबजादों के पास साहस था वे अकेले होते हुए भी मुगलों के सामने नही झुके तभी मुगलों ने उन्हे जिंदा दीवार मे चुनाव दिया यह इनकी वीरता ही है जो सदियों से प्रेरणा का श्रोत बनी हुयी है। कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि सदर विधायक भूपेश चौबे ने कहा कि भारतीय इतिहास में इस शहादत में साहिबजादा जोरावर सिंह और फतेह सिंह द्वारा दिये गये सर्वोच्च बलिदान के रुप मे याद किया गया। धर्म परिवर्तन के लिए जब एक सात साल और नौ साल के बच्चों के उपर मुगलों द्वारा दबाव बनाया गया तो उन्होने बहुत बहादुरी से बोलते हुए कहा कि जोरावर जोर से बोला, फतेह सिंह शोर से बोला, धरो ईंटे भरों गारे, चिनों दीवार हत्यारे हमारी सांस बोलेगी हमारी लाश बोलेगी यही दीवार बोलेगी हजारों बार बोलेगी जो बोले सो निहाल सत अकाल। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए नगर पालिका अध्यक्ष रुबी प्रसाद ने कहा कि वीर बाल दिवस के अवसर पर वीर साहेबजादे द्वारा प्रदर्शित साहस और दृढ़ संकल्प का एक प्रमाण के रुप मे खड़ा है। जो औरंगजेब और वजीर खां और उसके अनुयायियों को एक शक्तिशाली संदेश देता है, और आये हुए सभी अतिथियों व कार्यकर्ताओं का आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। इस मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष अजीत चौबे, धर्मवीर तिवारी, जिला कोषाध्यक्ष/कार्यक्रम सह संयोजक राकेश मेहता, जिलाध्यक्ष अल्पसंख्यक मोर्चा/कार्यक्रम सह संयोजक कमलेश खांम्भे, जिला उपाध्यक्ष ओमप्रकाश दूबे, उदयनाथ मौर्या, जिला महामंत्री कृष्णमुरारी गुप्ता, संतोष शुक्ला,, मण्डल अध्यक्ष विनय श्रीवास्तव, पुष्पा सिंह, बलराम सोनी, सौरभ शुक्ला, गुरुद्वारा सिंह सभा के अध्यक्ष अजीत सिंह भण्डारी, सचिव सरदार प्रीतपाल सिंह, अजीत सिंह, देवेन्द्र सिंह, विष्नु सिंह, राजकुमार सिंह, सरदार संतोष सिंह, सरदार दया सिंह, गुड़िया त्रिपाठी सहित आदि लोग मौजूद रहे।







