अमित मिश्रा
हिन्दू जागरण मंच के जिलाध्यक्ष ने जिलाधिकारी को सौपा ज्ञापन
सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद में एनसीएल खड़िया प्रोजेक्ट में ओबी का काम कर रही केसीसीएल कम्पनी में श्रमिको की भर्ती हो रही है।जिसमे नियमानुसार विस्थापितो को ही योग्यता के आधार पर रखना अनिवार्य है परन्तु कम्पनी के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा विस्थापित श्रमिको को न रखकर अन्य राज्य व जनपद के स्थानो से ढाई से तीन लाख रूपया प्रति श्रमिक घूस लेकर बाहरी लोगो को रखा जा रहा है। यह पैसे का लेनदेन कम्पनी के द्वारा पाले गये दलालो द्वारा लिया जा रहा है। इसकी शिकायत हिन्दू जागरण मंच के जिलाध्यक्ष सन्तोष पाण्डेय से करते हुए ऐसी नियुक्ति पर रोक लगाते हुए कम्पनी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग किया है।
सन्तोष पाण्डेय ने जिलाधिकारी को बताया कि एनसीएल के विस्थापित अपने हक व अधिकार की मांग को लेकर नियमानुसार कम्पनी के कैम्प पर नौकरी मांगने गये तो उनके साथ मारपीट की गयी जो मानवताविहीन व गैरकानूनी है। कम्पनी के अधिकारियों द्वारा दलालो के माध्यम से घूस लेकर जो नौकरी दी जा रही है इस सन्दर्भ में यदि आप द्वारा अपनी निगरानी में एक त्रिस्तरीय उच्च कमेटी गठित कर जांच करायी जाय तो सम्पूर्ण सच सामने आ जायेगा।
ओबी कम्पनी में भर्ती के नियमो की बात करे तो जितनी मैन पावर की आवश्यकता है वो सम्पूर्ण पूर्ति उस परियोजना के विस्थापित परिवारो से ही योग्यतानुसार काम कराने का प्रावधान है। यदि इनका बाइलाज या एनसीएल रूल देखा जाय तो उसमें उपरोक्त प्रावधान मिल जायेगा।
केसीसीएल कम्पनी के साथ विस्थापितो के शोषण में एनसीएल खड़िया परियोजना के कुछ अधिकारी व कर्मचारी संलिप्त है इनकी भी भूमिका की जांच करायी जाय जिससे गरीब विस्थापितो को न्याय मिल सके व उनके बाल परिवार का भरण पोषण हो सके।
इस मामले की जांच उच्च स्तरीय कमेटी से कराते हुये इन कम्पनियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग किया है।







