शिवद्वार धाम में गुप्त काशी यात्रा का भव्य स्वागत, संतों और श्रद्धालुओं ने किया उमा महेश्वर के दर्शन

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अमित मिश्रा

घोरावल (सोनभद्र) । स्थानीय शिवद्वार धाम में शुक्रवार को गुप्त काशी दर्शन यात्रा के आगमन पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। देश के विभिन्न राज्यों से आए संतों और सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मंदिर में स्थापित भगवान उमा महेश्वर की अद्भुत प्रतिमा के दर्शन किए। यात्रा में अयोध्या, काशी, मथुरा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड और अमरकंटक से आए संतों ने भाग लिया।

मंदिर के मुख्य पुजारी सुबास गिरी ने बताया कि शिवद्वार धाम में स्थापित भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा अत्यंत विशिष्ट है। काले पत्थर से निर्मित यह प्रतिमा चतुर्भुज रूप में है, जिसमें भगवान शिव एक हाथ में त्रिशूल धारण किए हैं तो दूसरे हाथ से माता पार्वती के मुख को स्पर्श कर रहे हैं। तीसरे हाथ में दर्पण और चौथे हाथ से माता का बाह पकड़े हुए हैं। यह प्रणय मुद्रा में विराजित प्रतिमा दर्शनार्थियों के मन को मोह लेती है।

शिव पार्वती प्राचीन काशी सेवा समिति के अध्यक्ष रविंद्र कुमार मिश्र ने यात्रा में पधारे सभी संतों, जनप्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं का हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने बताया कि यह सप्तदिवसीय यात्रा सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से आयोजित की गई है। संस्थापक रवि चौबे ने गुप्त काशी सेवा ट्रस्ट से जुड़ने की अपील करते हुए यात्रा के उद्देश्यों के बारे में विस्तार से बताया।

संध्या काल में संतों के मुखारविंद से भगवत संकीर्तन और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। सदर विधायक भूपेश चौबे ने संतों को अंगवस्त्र भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया और यात्रा के महत्व पर अपने विचार रखे। रात्रि भोज में भाजपा नेता माला चौबे, रमेश मिश्रा, सौरभ कांत तिवारी सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने संतों के साथ प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर संदीप यादव, विनीत, शामा, संजय गुप्ता, अमित मिश्रा और कृष्ण कांत दुबे सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

यात्रा के दौरान अगले सात दिनों तक प्रतिदिन सुबह स्नान-पूजन, स्थानीय धार्मिक स्थलों के भ्रमण और भंडारे का आयोजन किया जाएगा। क्षेत्रीय लोगों के सहयोग से आयोजित इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य धार्मिक एकता और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देना है। संतों ने इस आयोजन की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए इसे जन-जन तक पहुंचाने का आग्रह किया।

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