रवि पाण्डेय 9450160763 / अमित मिश्रा
O- 3000 मेगावाट की ताकत, हरित ऊर्जा की तेज रफ्तार और गांव-गांव तक बदलाव
O- Rihand Super Thermal Power Station बना देश का रोल मॉडल
बीजपुर (सोनभद्र) । भारत के ऊर्जा सेक्टर में तेजी से हो रहे बदलाव के बीच सोनभद्र स्थित रिहंद परियोजना विकास, पर्यावरण और सामाजिक जिम्मेदारी का एक संतुलित मॉडल बनकर उभरी है।
NTPC Limited की यह परियोजना “ऊर्जा के साथ नव विकास” के विज़न को साकार कर रही है।
ऊर्जा उत्पादन में दमदार प्रदर्शन
- FY 2024-25 में NTPC का कुल उत्पादन: 438.6 बिलियन यूनिट
- 3.88% की वृद्धि
- रिहंद का योगदान: 23.43 बिलियन यूनिट
Rihand Super Thermal Power Station ऊर्जा आत्मनिर्भर भारत की मजबूत आधारशिला बन चुका है।

हरित ऊर्जा की ओर मजबूत कदम
✔ 23 लाख से अधिक वृक्षारोपण
✔ Zero Liquid Discharge (ZLD) अनुपालन
✔ 33.4 मीट्रिक टन प्लास्टिक कचरे का निपटान
✔ 50,000 नए पौधारोपण का लक्ष्य

CSR: समाज के साथ विकास
- 23 गांवों में मोबाइल मेडिकल यूनिट
- 720 बालिकाओं को प्रशिक्षण
- 150 डेस्क-बेंच वितरण
- महिलाओं के लिए स्वरोजगार कार्यक्रम
- 354 नेत्र ऑपरेशन
अधिकारी का बयान
इस मौके पर मुख्य महा प्रबंधक संजय साठी ने कहा-

“एनटीपीसी रिहंद सिर्फ बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि हम पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक विकास को भी समान प्राथमिकता देते हैं।
हमारा लक्ष्य है कि रिहंद परियोजना न केवल ऊर्जा के क्षेत्र में, बल्कि हरित विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में भी देश के लिए एक आदर्श मॉडल बने।
आने वाले समय में हम स्वच्छ ऊर्जा, आधुनिक तकनीक और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से ‘नए भारत’ के निर्माण में और अधिक योगदान देंगे।”
और यही कारण है कि रिहंद की कहानी अब स्थानीय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय प्रेरणा बन रही है।

राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान
- CII ऊर्जा प्रबंधन पुरस्कार
- GMF पर्यावरण प्रबंधन पुरस्कार
- APEX INDIA CSR अवार्ड
- HR उत्कृष्टता प्लेटिनम अवार्ड
- CII-ITC सतत विकास पुरस्कार
आज Rihand Super Thermal Power Station सिर्फ एक पावर प्लांट नहीं, बल्कि
ऊर्जा, पर्यावरण और समाज के संतुलन का राष्ट्रीय मॉडल बन चुका है।
और यही कारण है कि रिहंद की कहानी अब स्थानीय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय प्रेरणा बन रही है।





