सोनभद्र में अचानक बंद हुई खरीद, चंदौली में जारी

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अमित मिश्रा

O-धान खरीद पर दोहरा रवैया, किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा का ऐलान, रामगढ़ में धरना

O- पिछले वर्ष से अधिक उत्पादन के बावजूद लक्ष्य घटाकर खरीद रोकी गई, किसानों के साथ “खुला अन्याय” सरकार से तत्काल पुनः खरीद शुरू करने की मांग

सोनभद्र । उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में धान खरीद को लेकर सरकार के दोहरे रवैये पर किसानों का आक्रोश तेज हो गया है। जहां पड़ोसी चंदौली में धान की सरकारी खरीद आज भी जारी है, वहीं सोनभद्र में चालू वित्तीय वर्ष के दौरान खरीद अचानक बंद कर दी गई। किसानों का कहना है कि यह निर्णय सरासर गलत और अन्यायपूर्ण है।

आंकड़ों के मुताबिक, पिछले वर्ष सोनभद्र में लगभग 1.20 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई थी। इसके विपरीत, इस वित्तीय वर्ष में लगभग 1.03 लाख मीट्रिक टन खरीद कर अचानक केंद्र बंद कर दिए गए, जबकि इस बार पैदावार पिछले वर्ष से अधिक बताई जा रही है। किसानों का आरोप है कि लक्ष्य घटाकर खरीद रोकना उनकी मेहनत और आजीविका पर सीधा प्रहार है।

इस मुद्दे पर किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा ने कड़ा रुख अपनाते हुए सरकार से तत्काल धान खरीद पुनः शुरू करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि किसानों के साथ इस तरह का अन्याय किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

मोर्चा ने घोषणा की है कि सोमवार को विजयगढ़–रामगढ़ क्षेत्र में स्थित रामगढ़ क्रय केंद्र पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। रामगढ़ को जनपद का “धान का कटोरा” कहा जाता है और यहीं से बड़ी मात्रा में धान की आवक होती है। आंदोलन की सूचना प्रशासन को पत्र के माध्यम से संगठन के संयोजक संदीप मिश्र द्वारा दी जा चुकी है।

किसानों का सवाल साफ है, जब चंदौली में खरीद जारी है, तो सोनभद्र के किसानों के साथ भेदभाव क्यों? अब निगाहें प्रशासन और सरकार पर हैं कि वे तुरंत निर्णय की समीक्षा कर खरीद बहाल करते हैं या किसानों को सड़क पर उतरने को मजबूर किया जाता है।

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