अखिलेश सिंह
O- रामगढ़ बाजार के बीचों-बीच चोरी, बैंक भी पास फिर भी गश्ती का अता-पता नहीं।
O- जन्माष्टमी के शोर में गुम हुआ गरीब की रोज़ीरोटी का दर्द
O- रामगढ़ बाजार में चोरों ने पान की गुमटी उड़ाई, पुलिस पर उठ रहे सवाल?
रामगढ़ (सोनभद्र) । एक तरफ़ पूरे क्षेत्र में जन्माष्टमी के भव्य आयोजन की धूम मची रही, वहीं दूसरी ओर पन्नूगंज थाना क्षेत्र के रामगढ़ बाजार में चोरों ने अपनी करतूत से यह जता दिया कि पुलिस की गश्ती महज़ कागज़ी है। चोरों ने गरीब पान दुकानदार दिनेश पटेल की गुमटी का दरवाज़ा तोड़कर लगभग 3 हज़ार रुपये मूल्य के पान-मसाला, गुटखा और सिगरेट पार कर दिए।
जिस दुकान से एक गरीब परिवार का चूल्हा जलता था, उसी पर चोरों ने हाथ साफ कर दिया। सवाल यह है कि त्योहार की रात पुलिस कहाँ थी?

चौंकाने वाली बात यह है कि पान की गुमटी से महज़ कुछ दूरी पर ही जन्माष्टमी का आयोजन चल रहा था और वहीं नज़दीक एक बैंक भी है, जिसमें पहले भी तीन बार चोरी हो चुकी है, लेकिन पुलिस हर बार की तरह कुछ दिन सक्रियता दिखाकर बाद में सब भूल जाती है।
स्थानीय लोग तंज कसते हुए कह रहे हैं कि अब लगता है पुलिस का खौफ़ चोरों के दिल से निकल चुका है। जब बैंक जैसी जगह पर तीन-तीन बार चोरी हो चुकी है तो एक गरीब की गुमटी की सुरक्षा की उम्मीद करना बेमानी है।
दिनेश पटेल की पीड़ा भी सवाल खड़े करती है, “अब रोज़ीरोटी कैसे चलेगी? जो दुकान ही पेट भरती थी, उसे ही चोर ले गए।”
यह घटना पुलिस की कार्यप्रणाली पर करारा कटाक्ष है। जन्माष्टमी की रात जहां उल्लास और भक्तिरस का माहौल था, वहीं रामगढ़ बाजार में चोरी ने सुरक्षा व्यवस्था का सच सामने रख दिया।
बड़ा सवाल यही है कि पुलिस त्योहारों पर सुरक्षा की ढिंढोरा पीटने के बावजूद गरीब की रोज़ीरोटी तक नहीं बचा पा रही, तो फिर जनता किस पर भरोसा करे?







