स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ होती है नर्स : डॉ0 अनुपमा

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अमित मिश्रा

0 साई हॉस्पिटल एंड कॉलेज आफ़ नर्सिंग परिसर में हुआ कार्यक्रम

सोनभद्र। साई हॉस्पिटल एंड कॉलेज आफ़ नर्सिंग परिसर में सोमवार को धूमधाम से नर्स दिवस मनाया गया छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत कर उनके उज्जवल भविष्य दी गई शुभकामनाएं।
डायरेक्टर डॉक्टर अनुपमा सिंह कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित करते हुए किया वहीं डायरेक्टर डॉक्टर अनुपमा सिंह ने बताया कि हर साल मई को फ्लोरेंस नाइटिंगेल को श्रद्धांजलि देने के लिए अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस है। फ्लोरेंस नाइटिंगेल का जन्म 12 मई 1820 को हुआ था। ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे दुनिया के कुछ देशों में, अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस एक सप्ताह तक चलने वाले उत्सव का हिस्सा है जो 12 मई को समाप्त होता है। इस उत्सव को अक्सर राष्ट्रीय नर्स सप्ताह के रूप में जाना जाता है।
यह दिन नर्सों के महत्व और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करने के लिए मनाया जाता है। स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की रीढ़ होने के बावजूद, नर्सों के महत्व को समुदाय द्वारा महत्व नहीं दिया जाता और न ही सराहा जाता है। इसी धारणा को बदलने के लिए अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस का आयोजन किया जाता है।
वही श्री सिंह ने बताया कि आधुनिक स्वास्थ्य देखभाल में नर्सों की महत्वपूर्ण भूमिका की ओर नीति निर्माताओं और जनता का ध्यान आकर्षित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय नर्स परिषद ने 12 मई 1974 को पहला अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया। तब से, यह हर साल दुनिया भर में मनाया जाता है। यह फ्लोरेंस नाइटिंगेल को श्रद्धांजलि है, जिन्हें आधुनिक नर्सिंग का दार्शनिक भी माना जाता है।


फ्लोरेंस नाइटिंगेल कौन है?


12 मई 1820 को फ्लोरेंस, इटली में जन्मी फ्लोरेंस नाइटिंगेल एक ब्रिटिश नर्स और समाज सुधारक थीं।

डायरेक्टर ने बताया की युद्ध के बाद 1860 में लंदन के सेंट थॉमस हॉस्पिटल में विश्व का पहला आधुनिक नर्सिंग स्कूल, नाइटिंगेल स्कूल ऑफ नर्सिंग की स्थापना की गई थी। इस आधुनिक नर्सिंग स्कूल की स्थापना का श्रेय फ्लोरेंस नाइटिंगेल को दिया जाता है। इस मौके पर एंजलीन बिट्टी, शिवकांत शर्मा, दिव्यांशी बोस, अवनीश पांडेय, रागिनी श्रीवास्तव, सपना तोमर, सानी प्रशाद आदि लोग उपस्तिथि थे l

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