अमित मिश्रा
जिला प्रशासन को एक माह के भीतर सूचना समेत करनी होगी कार्रवाई
सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। एनटीपीसी विंध्याचल परियोजना से उत्सर्जित होने वाली राख का परिवहन मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के शक्तिनगर परिक्षेत्र से होकर गोरबी एनसीएल के बंद खदान में निस्तारण किया जा रहा है। जिससे क्षेत्र के सर्वाधिक प्रदूषण शक्तिनगर परिक्षेत्र जो की पूर्व से ही कोयला एवं अत्यधिक राख परिवहन से कराह है। ऐसे में जिलाधिकारी सिंगरौली द्वारा महाजन मोड़ होते हुए नवानगर जयंत मार्ग से राख परिवहन पर रोक लगाये जाने के बाद शक्तिनगर मुख्य मार्ग से एनटीपीसी विंध्याचल परियोजना के राख परिवहन किया जा रहा है। जिससे अत्यधिक प्रदूषण फैल रहा है।
इस संबंध में पूर्व में जिला प्रशासन को अवगत कराया गया था पर जिला प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिस पर एक जनहित याचिका विस्थापित प्रतिनिधि एवं आरटीआई कार्यकर्ता हेमंत मिश्र द्वारा उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग में पंजीकृत कराया गया था। जिसकी सुनवाई 20 मई यानी आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया ।
सूचना आयुक्त शकुंतला गौतम द्वारा प्रकरण को गंभीरता से लिया गया और दोनों पक्षों के तर्कों को सुना गया। जिस पर एक माह का अवसर प्रदान करते हुए जिला प्रशासन को उचित कार्रवाई करते हुए संबंधित कार्रवाई की सूचना याचिकाकर्ता को एक माह के अंदर प्रदान किए जाने की हिदायत दी गई। जनहित याचिका की सुनवाई में जिला प्रशासन की तरफ से अपर जिला अधिकारी राजस्व द्वारा पक्ष रखा गया।







