बच्चो की प्राथमिक शिक्षक मां ही होती है: चित्रा जालान

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अमित मिश्रा

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। दी आर्यन्स एकेडमी में आज मातृ दिवस बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि समाजसेवी शान्ता भट्टाचार्या को अंगवस्त्र और मोमेन्टो भेंट स्वरूप प्रदान करके चित्रा जालान और विनोद जालान ने आशीर्वाद प्राप्त किया।

मातृ दिवस पर छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए प्रबन्धक विनोद जालान ने कहा कि मां ही बच्चों की पहली शिक्षक होती है और मॉ के उपर बोलते-बोलते वे बहुत भावुक हो गए और रो पड़े।

मुख्य अतिथि समाजसेवी शान्ता भट्टाचार्या ने कहा कि एक मां सौ शिक्षकों के बराबर होती है और माँ को धन दौलत या पूरी दुनिया की दौलत नही चाहिए केवल मॉ को अपने बेटे और बेटियों से एक आचरणीय प्रेम व आदर चाहिए। उन्होनें स्वामी विवेकानन्द और नरेन्द्र मोदी को एक आदर्श पुत्र का दर्जा देते हुए एक अच्छे पुत्र का उदाहरण प्रस्तुत किया।

समाजसेवी शान्ता भट्टाचार्या के हाथों केक काटकर कार्यक्रम का समापन किया। मातृ शक्तियों अध्यापक-अध्यापिकाओं और मुख्य अतिथिगण शान्ता भट्टाचार्या की उपस्थिति में यह मातृ दिवस समाज के लिए एक प्रेरणामय सोच को जागृत करने के लिए मनाया गया।

इस अवसर पर बच्चों ने नाटक की शानदार कला से सभी का मन मोह लिया और अल्का धान्या का अभिनय काफी सराहा गया और नृत्य भी इस अवसर पर आयोजित किया गया तथा बच्चों के साथ आमंत्रित सभी माताओं को भी कई खेलों में भाग दिलाया गया। जिसमें विजयी माताओं पुरस्कृत भी किया गया।

इस अवसर पर सभी शिक्षकगण सुषमा पाण्डेय, प्रियंका भट्टाचार्या, निभा पाण्डेय, प्रतिमा, निशा चौबे, अर्पणा, नवीन कुमार पाण्डेय, उमाकान्त दुबे, राजीव त्रिपाठी, निशान्त, अजय, पंकज, अभय, अश्वनी, योगेश आदि उपस्थित रहे।

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