चंदौली जिले के नौगढ़ तहसील क्षेत्र में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान शुक्रवार को हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए, जब मौके पर पहुंची स्थानीय महिलाओं ने वन विभाग की टीम को घेरकर विरोध शुरू कर दिया। महिलाओं द्वारा अभद्र भाषा, दबाव और घेराबंदी के बावजूद वन विभाग के रेंजर अमित श्रीवास्तव मौके पर डटे रहे और चार जेसीबी व दो रोटावेटर मशीनों की मदद से कार्रवाई को अंजाम तक पहुंचाया। इस सख्त रुख के चलते करीब 40 बीघा वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया।

प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) बी. शिवशंकर के निर्देश पर जयमोहनी रेंज के भरदुआ क्षेत्र में यह बड़ी कार्रवाई की गई। विभागीय अधिकारियों के अनुसार करीब छह माह पूर्व 10–12 लोगों ने वन कर्मियों को धमकाकर वन भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया था। अतिक्रमणकारियों ने झोपड़ियां बनाकर खेती शुरू कर दी थी और सरसों की फसल बो दी गई थी। कई बार नोटिस और समझाइश के बावजूद कब्जा नहीं हटाया गया, जिसके बाद संयुक्त कार्रवाई का निर्णय लिया गया।
नायब तहसीलदार के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में चार जेसीबी और दो रोटावेटर लगाए गए। खड़ी सरसों की फसल को जमींदोज कर भूमि को समतल किया गया। जहां कुछ देर पहले फसल लहलहा रही थी, वहां कुछ ही समय में वन भूमि को कब्जामुक्त कर दिया गया। साथ ही भविष्य में अतिक्रमण रोकने के लिए सुरक्षा खाई और बोना नाली भी खुदवाई गई।

कार्रवाई के दौरान महिलाओं के विरोध को देखते हुए वन विभाग के महिला एवं पुरुष कर्मचारियों ने संयम और सतर्कता के साथ स्थिति को संभाला। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा। इसी क्रम में जयमोहनी रेंज के भैसोड़ा कम्पार्टमेंट संख्या–14 में भी लगभग 10 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराया गया।
अभियान में वन दरोगा सोमेश प्रथम, सोमेश द्वितीय, शोभित, सावित्री, वीरेन्द्र पाण्डेय, प्रशांत, शुभम, गुरुदेव सिंह सहित तीनों रेंजों के कर्मचारी मौजूद रहे। कानून व्यवस्था के लिए नौगढ़ थाना पुलिस, महिला कांस्टेबल, 112 पीआरवी, कानूनगो और लेखपाल तैनात रहे। रेंजर अमित श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि सरकारी वन भूमि पर किसी भी प्रकार का कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।








