अमित मिश्रा
O – इन्द्र के अहंकार को मिटाने के लिए भगवान ने गिरिराज का पूजन करवाया
सोनभद्र। राबर्ट्सगंज स्थित टीचर्स कॉलोनी ( न्यू कालोनी) में हो रही सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिन शनिवार को ऋषिकेश से पधारे श्री श्री 1008श्री परम पूज्य संत स्वामी हरिदास जी महराज ने श्रीमद्भागवत अमृतकथा के दौरान माखन चोरी लीला और चीर हरण के बारे में बताया कि भगवान श्री कृष्ण ब्रज में माखन चोरी लीला करके मन को चुरा लिया वही चीर हरण लीला के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण ने लोगों को यह संदेश दिया कि जिसके ऊपर मेरी कृपा होती है वासना रूपी वस्त्र को चुराकर उसे अपने करीब कर लेता हूं। स्वामी महाराज जी ने भगवान श्री कृष्ण व कालिया नाग की रोचक कथा सुनाई श्रीकृष्ण ने कालिया नाग का मर्दन कर भक्ति रूपी यमुना को शुद्ध कर दिया तथा श्रीकृष्ण भगवान ने इंद्र के अहंकार को मिटाने के लिए गिरिराज का पूजन करवाया अर्थात प्रकृति पूजन की प्रधानता दी। कथा में स्वामी महराज जी द्वारा बताया गया कि भगवान श्री कृष्ण प्रकृति, गौ, ब्राह्मण एवं संत की पूजा किया। भक्त का हृदय जब निर्मल होता है तो भगवान स्वयं भक्त के घर पहुंच जाते हैं। वृंदावन से पधारे कलाकारों के द्वारा माखन चोरी लीला एवं गिरिराज पूजन की सुंदर झांकी भी प्रस्तुत की गई जिससे पाण्डाल में बैठे भक्तगण भक्ति में विभोर हो गए। यज्ञ में निरंतर चल रहे पूजन एवं पारायण के दौरान भक्तगणों के द्वारा यज्ञ मण्डप की परिक्रमा किया गया। कथा प्रतिदिन सायं 6 बजे से रात्रि 9 बजे तक होना सुनिश्चित है। कार्यक्रम में मुरलीधर शुक्ल, कृष्ण कान्त देव पाण्डेय, मिठाई लाल सोनी,शिवनारायण चौबे , अवधेश नारायण शुक्ल, उमेश मिश्रा, विनोद मिश्रा,सुनील त्रिपाठी,अशोक कुमार शुक्ल, और आनंद ओझा, बलिराम सोनी , विनोद कुमार शुक्ल, शिवशंकर देव आदि भक्तगण उपस्थित रहे। कल छठवें दिन रविवार को भगवान की महा रासलीला एवं रुक्मिणी विवाह की कथा सुनाई जायेगी।







