O- रात में सुरक्षा, सुबह में लाश! सोनभद्र के क्रेशर प्लांट में व्यवसायी की हत्या से हड़कंप
O- सोते क्रेशर व्यवसायी का सिर कुचकर कत्ल, ओबरा में बेलगाम अपराध ने हिला दी सोनभद्र की कानून-व्यवस्था
ओबरा (सोनभद्र) । उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जनपद में अपराध अब इक्का-दुक्का घटनाओं तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह एक भयावह और संगठित स्वरूप ले चुका है। ताज़ा और दिल दहला देने वाली घटना ओबरा थाना क्षेत्र के बग्घानाला स्थित एक क्रेशर प्लांट से सामने आई है, जहाँ अज्ञात बदमाशों ने क्रेशर प्लांट परिसर में सो रहे व्यवसायी की बेरहमी से सिर कुचलकर हत्या कर दी। यह वारदात न सिर्फ एक इंसान की हत्या है, बल्कि पूरे जिले की कानून-व्यवस्था पर सीधा हमला मानी जा रही है।
व्यापारी की हत्या से हड़कंप
मृतक की पहचान विष्णु हरि उपाध्याय के रूप में हुई है, जो गिरधर स्टोन के स्वामी माधव हरि उपाध्याय के भाई थे। जानकारी के अनुसार, विष्णु हरि उपाध्याय रोज़ की तरह रात में क्रेशर प्लांट परिसर में ही विश्राम कर रहे थे। इसी दौरान अज्ञात हमलावरों ने भारी वस्तु से उनके सिर पर ताबड़तोड़ वार कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। सुबह जब कर्मचारियों और आसपास के लोगों ने खून से सना शव देखा तो इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और फोरेंसिक जांच शुरू की गई। लेकिन इस हत्या ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया कि
क्या सोनभद्र में अपराधियों को अब किसी का डर नहीं रह गया है?
इस निर्मम हत्या के बाद खनन और क्रेशर व्यवसाय से जुड़े व्यापारियों में गहरा डर और आक्रोश है। व्यवसायियों का कहना है कि जब प्लांट के भीतर सो रहे एक प्रतिष्ठित कारोबारी की इस तरह हत्या हो सकती है, तो आम व्यापारी, मजदूर और कर्मचारी कितने सुरक्षित हैं, यह अपने आप में डराने वाला सवाल है।
ओबरा: जहाँ अपराध का ग्राफ सबसे ऊपर
ओबरा क्षेत्र को लेकर यह कोई पहली घटना नहीं है। स्थानीय सूत्रों और ज़मीनी हकीकत के मुताबिक, पूरे सोनभद्र जिले में अपराध का सबसे ऊँचा ग्राफ ओबरा में दर्ज किया जा रहा है। यहाँ नशे का अवैध कारोबार, संगठित कबाड़ चोरी गिरोह, महिला गैंग और किन्नर के वेश में सक्रिय आपराधिक गिरोह लंबे समय से सक्रिय बताए जाते हैं। यहाँ अपराध अब अलग-थलग घटनाएँ नहीं, बल्कि संगठित गिरोहों का नेटवर्क बन चुका है
सूत्रों का दावा है- कि कुछ अपराधी सामाजिक पहचान की आड़ लेकर किन्नर बनकर वसूली, चोरी, नशे की सप्लाई और हत्या जैसी संगीन वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
नशे का संगठित कारोबार
कबाड़ चोरी का अंतरजिला गैंग
महिला गिरोह द्वारा वसूली
किन्नर के भेष में सक्रिय आपराधिक गिरोह
महिला गैंग और खनन कारोबार पर दबाव
खनन कारोबार से जुड़े लोगों का आरोप है कि महिला गैंग द्वारा क्रेशर प्लांट मालिकों, खदान संचालकों और व्यापारियों से लगातार वसूली की जाती है। तय “सुविधा” या अवैध रकम न देने पर झूठे मुकदमों में फँसाने की धमकी दी जाती है। डर और प्रशासनिक झंझट के कारण कई कारोबारी छोटी-बड़ी चोरी और वसूली की शिकायत तक दर्ज नहीं कराते, जिसका सीधा फायदा अपराधियों को मिलता है।
ऊर्जा नगर बना कबाड़ माफिया का गढ़
ओबरा, जिसे प्रदेश में “ऊर्जा नगर” के नाम से जाना जाता है, वही इलाका आज कबाड़ माफिया का गढ़ बनता जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि ओबरा पावर प्लांट से रोज़ाना करोड़ों रुपये के कबाड़ की चोरी होती है, जो वर्षों में करोड़ों नहीं बल्कि अरबों रुपये के अवैध कारोबार में तब्दील हो चुकी है। इन गिरोहों के रास्ते में जो भी आता है, उसके साथ मारपीट से लेकर हत्या तक की घटनाएँ हो चुकी हैं। यही गिरोह क्रेशर प्लांटों और रिहायशी इलाकों में भी लगातार चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। जिले में चोरी से जुड़ी घटनाओं में पूर्व में दर्जनों मौतें हो चुकी हैं, इसके बावजूद अपराध पर प्रभावी नियंत्रण होता नहीं दिख रहा। इन गिरोहों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे न तो चोरी रुक पा रही है और न ही अपराध।
राजनीतिक चेतावनी: भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष का बयान
इस पूरे घटनाक्रम पर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. धर्मवीर तिवारी ने कड़ा बयान देते हुए कहा-
“ओबरा में अपराध जिस स्तर तक पहुँच चुका है, वह केवल कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि प्रशासनिक चेतावनी का विषय है। खनन और औद्योगिक क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था से जुड़े हैं। यदि व्यवसायी ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो निवेश और रोजगार दोनों पर गंभीर असर पड़ेगा। प्रशासन को अब दिखावटी कार्रवाई नहीं, जमीनी और निर्णायक कदम उठाने होंगे।” उन्होंने कहा कि खनन और औद्योगिक क्षेत्र जिले की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन जब इन क्षेत्रों से जुड़े व्यवसायी ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो निवेश, रोजगार और विकास पर गंभीर असर पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि अब केवल औपचारिक कार्रवाई नहीं, बल्कि ठोस, कठोर और परिणाम देने वाली कार्रवाई की जाए”।
रिहायशी इलाकों में भी दहशत
ओबरा के रिहायशी इलाकों में लगातार चोरियाँ हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूर्व में चोरी से जुड़ी घटनाओं में दर्जनों मौतें जिले में हो चुकी हैं। इसके बावजूद पुलिस गश्त और अपराध नियंत्रण पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सपा की चेतावनी: सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष/ पूर्व विधायक का बयान
वहीं सपा के पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा ने भी
“इस हत्या को कानून-व्यवस्था की विफलता बताते हुए कहा कि ओबरा में अपराधियों का मनोबल इस कदर बढ़ चुका है कि उन्हें अब पुलिस और प्रशासन का कोई डर नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते संगठित अपराध पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो हालात और भयावह हो सकते हैं। आम जनता और व्यापारी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, जो किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।”
सिर्फ हत्या नहीं, सिस्टम पर हमला
विष्णु हरि उपाध्याय की हत्या को अब लोग केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा तंत्र की असफलता के रूप में देख रहे हैं। यह वारदात इस बात का स्पष्ट संकेत है कि अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हो चुके हैं और अब प्रशासन के सामने यह एक बड़ी अग्निपरीक्षा बन गई है।
पूरे सोनभद्र जिले, खासकर ओबरा क्षेत्र में इस समय भय, आक्रोश और असुरक्षा का माहौल है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस जघन्य हत्या के बाद प्रशासन निर्णायक कार्रवाई कर पाएगा, या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में सिमट कर रह जाएगा। क्योंकि यह सिर्फ एक व्यवसायी की हत्या नहीं है, यह कानून-व्यवस्था की साख और आम नागरिक की सुरक्षा का सवाल है।
सवाल पूरे प्रदेश के लिए
क्या सोनभद्र में संगठित अपराध बेलगाम हो चुका है?
क्या ओबरा अपराधियों का सुरक्षित ठिकाना बनता जा रहा है?
क्या इस हत्या के बाद प्रशासन निर्णायक कार्रवाई करेगा, या यह मामला भी फाइलों में दफन हो जाएगा?
पूरा जिला, व्यापारी समाज और आम नागरिक अब सिर्फ आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहा है।
क्योंकि यह केवल एक व्यवसायी की हत्या नहीं, यह कानून-व्यवस्था की अग्निपरीक्षा है।