स्वास्थ्य सेवा बंद, मरीज परेशान, आयुष्मान योजना का केंद्र खुद बीमार

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अभिषेक अग्रहरी

O- अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर सवाल?
चोपन में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत ने बढ़ाई चिंता?

ओबरा (सोनभद्र) । राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत शहरी क्षेत्रों में स्थापित अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का उद्देश्य नागरिकों को निःशुल्क प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं, जांच और दवाएं उपलब्ध कराना है। लेकिन चोपन नगर पंचायत क्षेत्र में संचालित अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर की जमीनी स्थिति ने स्वास्थ्य तंत्र की सक्रियता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।

स्थल निरीक्षण के दौरान केंद्र का मुख्य द्वार बंद मिला। नियमित ओपीडी संचालन का कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिखा। भवन पर योजना का बोर्ड तो प्रदर्शित था, किंतु आसपास मौजूद स्थानीय लोगों से बातचीत में सेवाओं की नियमित उपलब्धता को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी।

स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार केंद्र पर डॉक्टर ऋषिकेश यादव की तैनाती बताई गई, हालांकि भवन पर इस संबंध में कोई विवरण अंकित नहीं मिला।

मामले की पुष्टि के लिए लगभग एक किलोमीटर दूर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, चोपन पहुंचकर जानकारी लेने का प्रयास किया गया। वहां मौजूद चिकित्सक ने बताया कि संबंधित योजना का संचालन एवं निरीक्षण जिला स्तर से नियंत्रित होता है। इसके बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सोनभद्र से दूरभाष पर संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क स्थापित नहीं हो सका।

आदिवासी बहुल क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की अहमियत

जनपद सोनभद्र आदिवासी बहुल एवं आर्थिक रूप से कमजोर आबादी वाला क्षेत्र है। ऐसे में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभ और नियमित उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है।

अब सवाल यह है कि यदि केंद्र नियमित रूप से संचालित हो रहा है तो जमीनी स्तर पर उसकी सक्रियता क्यों दिखाई नहीं दे रही? और यदि संचालन में लापरवाही है, तो इसकी जिम्मेदारी तय कब होगी?

जनमानस की अपेक्षा है कि स्वास्थ्य विभाग शीघ्र ही इस केंद्र की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करे तथा यदि कहीं अनियमितता पाई जाती है तो पारदर्शी ढंग से सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करे।

स्वास्थ्य योजनाओं की सफलता कागजों से नहीं, जमीन पर दिखनी चाहिए।

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