बसंत पंचमी पर विद्यालय में विधि विधान से हुआ माँ सरस्वती की पूजन

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सोनभद्र। प्रकाश जीनियस पब्लिक इंग्लिश स्कूल में बसंत पंचमी के पावन अवसर पर ज्ञान की देवी माँ सरस्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक राजेंद्र प्रसाद जैन द्वारा ज्ञान की देवी माँ सरस्वती, महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ एवं स्वतंत्रता संग्राम के महानायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया गया। शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं छात्र-छात्राओं द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर श्रद्धा भाव से पुष्प अर्पित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक राजेंद्र प्रसाद जैन ने बसंत पंचमी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बसंत पंचमी ज्ञान, सृजन और नवीन ऊर्जा का पर्व है। यह दिन विद्यार्थियों में अध्ययन के प्रति रुचि, सकारात्मक सोच और संस्कारों के विकास की प्रेरणा देता है। विद्यालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संतोष कुमार पांडेय ने महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि निराला हिंदी साहित्य के ऐसे स्तंभ थे, जिन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज को नई दिशा और चेतना प्रदान की। उनकी कविताएँ आज भी युवाओं को सत्य, साहस और आत्मसम्मान का संदेश देती हैं। विद्यालय के प्रधानाचार्य ने माँ सरस्वती के महत्व पर बोलते हुए कहा कि माँ सरस्वती ज्ञान, बुद्धि और विवेक की अधिष्ठात्री देवी हैं। उनका आशीर्वाद विद्यार्थियों को न केवल शैक्षणिक उन्नति बल्कि चरित्र निर्माण की राह भी दिखाता है। इस अवसर पर सुरेंद्र कुमार यादव ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के योगदान को याद करते हुए कहा कि नेताजी का जीवन देशभक्ति, त्याग और अनुशासन की मिसाल है। उनका साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। कार्यक्रम का समापन श्रद्धा, भक्ति और सकारात्मक वातावरण में विद्यालय के प्रबंधक राजेंद्र प्रसाद जैन के द्वारा सभी बच्चों को बधाई देते हुए कलम वितरित किया गया।

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