अमित मिश्रा
O मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने तेरही संस्कार को बकवास बताया
सोनभद्र। जायसवाल समाज की ओर से आयोजित होली मिलन समारोह में सोनभद्र आये स्वतंत्र प्रभार मंत्री स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन विभाग मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने तेरही संस्कार को बकवास बताते हुए इसे समाज के कमजोर वर्ग के लिए भार बताया।
मंत्री का बयान सोनभद्र समाज में चर्चा का विषय बना हुआ है। पूर्वांचल नव निर्माण मंच के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गिरीश पाण्डेय ने कहा कि सनातनी सरकार के मंत्री रविन्द्र जायसवाल को सनातन धर्म के ज्ञान का अभाव है। चर्चा में बने रहने और विशेष वर्ग जाति के लोगों को खुश करने के लिए ऐसे विवादित बयानों के चलन का शिकार हो रहे हैं मंत्री ।
गिरीश पाण्डेय ने बताया कि मनुष्य की जीवन में गर्भाधान संस्कार, पुंसवन, सीमांतोयंत्रण, जातकर्म, नामकरण, निष्क्रमण, अन्नप्राशन, चूड़ाकर्म, कर्णवेध, विद्यारम्भ, उपनयन, वेदारम्भ, केशान्त, समावर्तन विवाह, अंत्येष्टि जैसे सोलह संस्कार किए जाने का प्रमाण हमारे धर्म ग्रंथों में वर्णित है। जिसमें अंत्येष्टि संस्कार का समापन तेरही के दिन घर, परिवार, रिश्तेदार नातेदारों को भोज कराकर किया जाता है। गिरीश पाण्डेय ने मंत्री रविन्द्र जायसवाल पर ब्राम्हण विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि तेरही भोज में एकत्रित सभी आत्मीय जन मृतक के स्थान पर पीड़ित परिवार के वरिष्ठ व्यक्ति का पगड़ी संस्कार करते हुए उत्तराधिकारी घोषित करने की व्यवस्था सनातन धर्म में संस्कारों के माध्यम से की गई है। जरुरी नहीं है कि कोई दलित या जायसवाल अपने मृतक परिजन की तेरही में ब्राम्हण भोज करें, उनके लिए उनकी बेटी, बहन के घर के लोग ही ब्राम्हण समान होते हैं। गिरीश पाण्डेय ने कहा ब्राम्हणों का विरोध कर वोट की राजनीति साधने के चक्कर में मंत्री योगी और मोदी की सरकार को कलंकित करने का काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री गिरीश पाण्डेय ने मामले का संज्ञान लेते हुए मंत्री को पदों से मुक्त करने तक की मांग किया है







